- ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को हो रही परेशानी
- मंगलवार को पांच लोग एआरवी की डोज बाहर से खरीदे
संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। उप जिला अस्पताल में एक माह से एंटी रैबीज वैक्सीन की आपूर्ति नहीं हो रही है। कुत्ते, बिल्ली और बंदर के काटने के बाद अस्पताल में आने वाले लोगों से बाहर से एआरवी मंगवाई जा रही है। लोगों को पांच डोज के कोर्स के लिए अपनी जेब से 1750 से दो हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को हो रही है।
चार नवंबर को उप जिला अस्पताल में एआरवी का स्टॉक समाप्त हो गया था। अस्पताल प्रशासन की ओर से पहले ही एआरवी की डिमांड भेजी गई थी लेकिन निदेशालय से वैक्सीन की आपूर्ति नहीं हो रही है। अस्पताल में रोजाना 15 से 20 लोग एआरवी लगवाने के लिए आते हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों की संख्या अधिक होती है। मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश के बाद भी पांच लोग एआरवी लगवाने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। इन लोगोंं से बाहर से वैक्सीन मंगवाई गई। एआरवी की एक डोज की कीमत ब्रांड के हिसाब से 350 से 400 रुपये तक है। एआरवी की पांच डोज लगाना अनिवार्य होता है।
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एआरवी के लिए डिमांड भेजी गई है। शासन से आपूर्ति नहीं हो रही है। एआरवी की स्थानीय खरीद नहीं की जा सकती है। उम्मीद है कि जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।
- डॉ. प्रदीप चौहान, सीएमएस