आग की लपटों में घिरने के बाद जब वह सड़क पर दौड़ने लगा तो वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने आग की लपटें बुझाकर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। तब तक वह 60 प्रतिशत तक झुलस गया था।
हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने सुपरवाइजर को हायर सेंटर रेफर कर दिया। सिडकुल चौकी प्रभारी केजी मठपाल के अनुसार लेनदेन के विवाद में उसने कंपनी के बाहर खुद पर आग लगाकर आत्मदाह का प्रयास किया। हल्द्वानी में उसका उपचार चलने के कारण अभी तहरीर नहीं मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
सीजन के अनुसार घटती बढ़ती है मजदूरी
सिडकुल में सीजन के अनुसार श्रमिकों की मजदूरी घटती बढ़ती है। सुपरवाइजर ने कंपनी प्रबंधन को दीपावली के समय श्रमिक उपलब्ध कराए थे और त्योहार के समय श्रमिक अन्य सीजन की अपेक्षा अधिक भुगतान मांगते हैं। इसके चलते उसने भी तय मजदूरी से कुछ अधिक में कंपनी को लेबर सप्लाई की थी लेकिन कंपनी प्रबंधन ने उसे सीजन के अनुरूप भुगतान नहीं किया।