कुमाऊं क्षेत्र के गदरपुर स्थित यशोदा इंडस्ट्रीज राइस मिल में लाखों रुपये की बिजली चोरी के मामले में चौबीस घंटे निलंबित रहने के बाद अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह टोलिया को फिलहाल बहाल कर दिया गया है।
जांच अधिकारी व निदेशक परिचालन अतुल कुमार अग्रवाल ने अपनी जांच रिपोर्ट में अधीक्षण अभियंता को निर्दोष करार दिया है। जबकि निलंबित अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता व अवर अभियंता समेत पांच अधिकारियाें और कर्मचारियों की भूमिका की जांच जारी है।
राइस मिल में बिजली विभाग के अभियंताओं और कर्मचारियाें की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का मामला सामने आया था। मिल मालिक बिना वैध कनेक्शन के क्षेत्रीय अवर अभियंता व लाइनमैन की मिलीभगत से रात में बिजली चोरी कर मिल संचालित कर रहा था।
प्रकरण तब उजागर हुआ जब यूपीसीएल की विजिलेंस टीम ने छापा मारा। प्रकरण उजागर होने के बाद प्रबंध निदेशक के निर्देश पर क्षेत्रीय अवर अभियंता महेंद्र कुमार, लाइनमैन उमेश कुमार व एसएचओ नारायण सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
बाद में सचिव ऊर्जा राधिका झा के आदेश पर प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह टोलिया, अधिशासी अभियंता उमाकांत चतुर्वेदी व एसडीओ गिरीशचंद्र आर्य को भी निलंबित कर दिया था।
उसके बाद तीनों अधिकारियों को मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। प्रकरण की जांच निदेशक परिचालन अतुल कुमार अग्रवाल को सौंपी गई थी। जांच अधिकारी एवं निदेशक परिचालक अतुल कुमार अग्रवाल ने अपनी रिपोर्ट प्रबंध निदेशक को सौंपी।
जिसमें उन्होंने अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह टोलिया की भूमिका होने से इनकार किया। निदेशक परिचालक की रिपोर्ट पर अधीक्षण अभियंता टोलिया को बहाल कर दिया है। प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बताया कि अन्य की भूमिका की जांच की जा रही है।
टोलिया ने ही उठाया था बिजली चोरी का मुददा
अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह टोलिया ने 12 अप्रैल को यूपीसीएल मुख्यालय में हुई बैठक में गदरपुर क्षेत्र में बिजली चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने इस प्रकरण की विजिलेंस से जांच कराने की मांग की थी। जब विजिलेंस ने बिजली चोरी पकड़ी तो नरेंद्र सिंह टोलिया को ही निलंबन का सामना करना पड़ा।