जबकि, दूसरा हरिद्वार के रावली महमूद गांव का निवासी सुशील कुमार है। पूछताछ में दीपक मान ने बताया कि उसे अल्मोड़ा जेल में बंद रुपेश त्यागी ने सिडकुल के एक मजदूर ठेकेदार की हत्या करने को कहा था। इसके लिए रुपेश ने उसे सुशील कुमार का मोबाइल नंबर और पता दिया।
इसके बाद दीपक अपने कुछ मुकदमों की सुनवाई के लिए हरिद्वार पहुंचा तो उसने ठेकेदार के घर और ऑफिस की रेकी की। इसके बाद बृहस्पतिवार को ऑफिस में घुसकर गोली मारने की योजना बनाई थी। इसी बीच एसटीएफ की टीम ने दोनों को दबोच लिया। एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि दीपक मान के खिलाफ पहले भी लूट, हत्या के प्रयास आदि गंभीर आरोपों में मुकदमे दर्ज हैं।
एसटीएफ के अनुसार ठेकेदार से असल रंजिश सुशील कुमार की ही थी। पूछताछ में सुशील ने बताया कि वह सिडकुल स्थित एक फैक्ट्री में काम करता था, लेकिन किसी बात को लेकर उसे फैक्ट्री से निकाल दिया गया। इसके पीछे कथित मजदूर ठेकेदार की भूमिका सामने आई थी। सुशील के अनुसार ठेकेदार की वजह से ही उसे कहीं काम नहीं मिल रहा था। इसी के चलते सुशील ने ठेकेदार को मारने की ठान ली। इसी बीच सुशील अल्मोड़ा गया तो वहां पेशी के दौरान उसकी मुलाकात रुपेश त्यागी से हुई। रुपेश ने सुशील से ठेकेदार को मारने में मदद की बात कही और योजना बनाई, लेकिन इसके पहले ही एसटीएफ के हत्थे चढ़ गए।