अदालत ने वीर गिरवाली की बहुचर्चित जमीन से हरे पेड़ कटवाने के मामले में प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू को अगले माह 27 जनवरी को तलब किया है।
2013 के इस मामले में वन विभाग ने कोर्ट में सिद्धू के खिलाफ परिवाद दायर किया था, उस समय उन्हें तलब किया गया था। डीजीपी रहते हुए उस समय सिद्धू ने इस मामले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी थी, तब से यह मामला विचाराधीन था।
राजपुर क्षेत्र के वीर गिरवाली में फोरेस्ट की जमीन खरीदने के बाद कब्जा लेने के इरादे से हरे पेड़ कटवाने के आरोप से पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू अब पूरी तरह से घिर गए हैं। हालांकि डीजीपी रहते हुए फोरेस्ट अधिकारियों ने उनके खिलाफ तहरीर दी थी तो उनके रसूख की वजह से पुलिस ने सिद्धू के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की लेकिन सिद्धू की तहरीर पर फोरेस्ट अधिकारियों के खिलाफ केस जरूर दर्ज हो गया था।
एक तरफा कार्रवाई से नाराज फोरेस्ट अधिकारियों ने कोर्ट शरण ली और सीजेएम कोर्ट में बीएस सिद्धू के खिलाफ दो परिवाद दायर किए थे। अदालत ने सुनवाई के बाद 26 जून 2013 को डीजीपी बीएस सिद्धू को कोर्ट में तलब किया था। डीजीपी रहते हुए उस समय सिद्धू ने ऊपरी अदालत में इस फैसले को चुनौती दी थी, तब से यह मामला विचाराधीन था।
सुनवाई के दौरान आदेश में तलब किए जाने के लिए अधिनियम का उल्लेख नहीं होने की बात सामने आई थी। इसी आधार पर केस सीजेएम कोर्ट को वापस कर दिया गया था। अब एक बार फिर से सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू को 27 जनवरी को कोर्ट में तलब करने के आदेश दिए हैं।