सिर के ऊपर से गुजर रहे थे गोले, पल-पल सता रहा था मौत का डर
नंद किशोर ने बताया कि सूडान में जो लोग संघर्ष कर रहे थे उनका जुल्म आम लोगों पर बढ़ता ही जा रहा था। पास की एक फैक्टरी में कुछ लोग घुस गए। उनसे पैसा मांगा गया। मना करने पर उनके साथ बहुत मारपीट की गई। उनके सिर के ऊपर से टैंकों के गोले गुजर रहे थे। ऐसे में पल-पल उन्हें मौत का डर सता रहा था। बार-बार सीज फायर की बात तो रही थी लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा था।
वेतन और कपड़े, जूते भी छोड़ आए सूडान में
नंद किशोर ने बताया कि उन्हें वहां पर भारतीय मुद्रा के हिसाब से 70 हजार रुपये वेतन पर रखा गया था। एक महीना हो गया था। लेकिन, उन्हें वेतन भी नहीं मिला। कमरे में कुछ कपड़े और जूते रखे हुए थे। जल्दबाजी में उन्हें भी वहां पर छोड़ दिया गया। एक जोड़ी कपड़ों और चप्पल पहनकर ही नंद किशोर स्वदेश लौटे हैं।