सुभारती मेडिकल कॉलेज को सील करने पहंचे अधिकारी
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सुभारती मेडिकल कॉलेज, मेडिकल कॉलेज के लायक ही नहीं है। हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा विश्वविद्यालय ने निरीक्षण के बाद यह रिपोर्ट शासन को भेजी है। विवि का तर्क है कि जिस स्तर की कमियां हैं, उन्हें पूरा करने में सरकार को भी दो से तीन वर्ष का समय लगेगा। ऐसे में जाहिर तौर पर यहां पढ़ रहे छात्रों का भविष्य अंधकार में रहेगा।
सुभारती मेडिकल कॉलेज की कमियों को लेकर छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद सात दिसंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को सुभारती मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण करने के आदेश दे दिए थे। तय किया गया था कि अब सरकार कॉलेज में व्यवस्थाएं दुरुस्त करेगी। इस कड़ी में एचएनबी मेडिकल विवि के कुलपति प्रो. हेमचंद्र की अध्यक्षता में एक समिति ने सुभारती मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद विवि ने साफतौर पर यह रिपोर्ट शासन को भेजी है कि यह कॉलेज, मेडिकल कॉलेज के लायक ही नहीं है। रिपोर्ट में गंभीरतापूर्वक यह तथ्य पेश किया गया है कि भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) के मानकों को पूरा करने में यहां सरकार को भी दो से तीन वर्ष का समय लग जाएगा। जब तक एमसीआई की मान्यता नहीं मिलेगी, तब तक कॉलेज को एचएनबी मेडिकल विवि से संबद्धता नहीं मिलेगी। ऐसे में यहां पढ़ रहे छात्रों के भविष्य पर संकट आ सकता है।
हमने सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्रोफेसर की टीम के साथ निरीक्षण किया है। हमने शासन को रिपोर्ट भेजी है कि सुभारती मेडिकल कॉलेज, मेडिकल कॉलेज के लायक ही नहीं है।
- प्रो. हेमचंद्र, कुलपति, एचएनबी मेडिकल विवि