ओएफडी अधिकारी जयकरन मिश्रा के बेटे शुभम मिश्रा की मौत की गुत्थी विसरा रिपोर्ट में सुलझ गई है। शुभम की मौत जहर के सेवन से हुई थी। इसी आधार पर पिता ने उसके चार दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप यह भी है कि दोस्तों ने चिकित्सक की सलाह के बावजूद शुभम को हायर सेंटर ले जाने में कोताही बरती।
रायपुर के नेहरू ग्राम निवासी ओएफडी अधिकारी जयकरन मिश्रा ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनके बेटे शुभम मिश्रा का इस साल 12 मई को विवाह होना था। इसी संबंध में वे पत्नी के साथ बाराबंकी गए थे। घर में अकेला होने के कारण शुभम ने अपने दोस्त अजय शाह (पिग्गा) को घर पर रहने बुला लिया। 17 अप्रैल को अजय ने फोन कर बताया कि मेरे साथ शुभम का मित्र लबप्रीत, ईशु, संजय, श्रेष्ठ त्यागी और सोंटू भी घर पर हैं और सभी खाना-पीना साथ में कर रहे हैं।
18 अप्रैल की सुबह शुभम से बात हुई तो पता चला कि उसकी तबीयत खराब है। कहने के बावजूद दोस्त साढे़ सात घंटे बाद शाम को उसे ओएफडी अस्पताल ले गए। वहां से शुभम को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी गई, लेकिन दोस्त शुभम को घर छोड़ गए। बाद में अपने मित्र मुकुल पंत की मदद से शुभम को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई।
उस समय चिकित्सक ने जहर से मौत होने की आशंका जताई थी। पिता का कहना है कि विसरा रिपोर्ट में भी जहर के सेवन से मौत होने की बात सामने आई है। आरोप लगाया कि दोस्तों ने सुनियोजित तरीके से जहर देकर उनके बेटे की हत्या की है। एसपी सिटी श्वेता चौबे का कहना है कि पिता की तहरीर के आधार पर शुभम की हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में दोस्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।