पांच श्रेणियों में अध्ययन किया जा रहा
अध्ययन में शामिल वैज्ञानिक डॉ. विष्णु प्रसाद साहू व सीनियर रिसर्च फेलो राहुल यादव कहते हैं कि भूमि संसाधन, जल संसाधन, परिस्थितिकी संवेदनशीलता, पर्यावरण संसाधन और सामाजिक आर्थिक वहन क्षमता की पांच श्रेणियों में अध्ययन किया जा रहा है। इसके साथ ही इको सेंसेटिव जोन की स्थिति कैसी है, इसकी अध्ययन रिपोर्ट होने से भविष्य में कोई भी कदम उठाने में मदद मिलेगी। अध्ययन का काम अंतिम चरण में है, इसके बाद रिपोर्ट पंजाब वन विभाग को सौंप दी जाएगी। एफआरआई निदेशक डॉ. रेनू सिंह कहती हैं कि पर्यावरण वहन क्षमता का यह पहला एवं नवीन दृष्टिकोण से अध्ययन किया जा रहा है।
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वन प्रबंधन को और बेहतर करने में मदद मिलेगी
वैज्ञानिकों के अनुसार इस अध्ययन से वन प्रबंधन के काम को और बेहतर ढंग से करने में मदद मिलेगी। साथ ही जहां पर कमी है, वहां पर सुधार हो सकेगा। भविष्य में उत्तराखंड जैसे राज्य जहां पर कई टाइगर रिजर्व और अभयारण्य हैं, वहां भी अध्ययन कर स्थिति को जानने के प्रयास की पहल भी हो सकेगी।