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घर पहुंचने के लिए छात्रों को नापनी पड़ी 50 किमी पैदल दूरी

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वाहन न मिलने के कारण पैदल घर जाते छात्र। - फोटो : VIKAS NAGAR
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जनता कर्फ्यू के चलते रविवार को क्षेत्र में बस, विक्रम, टैक्सी का संचालन ठप होने के कारण दूर-दराज के इलाकों से घर लौट रहे लोगों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोग घर लौटने की जद्दोजहद में पैदल दूरी तय करते नजर आए।
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रविवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे अमर उजाला की टीम को दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के पास कुछ छात्रों का ग्रुप पीठ पर बैग लादे पैदल ही विकासनगर की ओर जाता दिखाई दिया। टीम ने छात्रों से कर्फ्यू के दौरान ग्रुप में सड़क पर निकलने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि वह इलाहाबाद में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। कोरोना के कारण कोचिंग सेटरों में छुट्टी पड़ गई है। वह बीते शनिवार को लौटने के लिए इलाहाबाद से चले थे। सुबह 3:30 बजे वह सहारनपुर रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे। जहां पर कोई भी विकासगनर आने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके चलते उन्हें पैदल ही विकासनगर की दूरी नापनी पड़ी। ग्रुप में शामिल दिनेश राणा, प्रदीप तोमर, नितिन चौहान, प्रदीप नेगी, कांतिराम शर्मा ने बताया कि सुबह 3:30 बजे सहारनपुर से विकासनगर के लिए पैदल चले। इसके बाद सुबह 10 बजे वह बादशाहीबाग पहुंच सके। जहां से उनके किसी परिचित ने उन्हें धर्मावाला चौक तक छोड़ा। इसके बाद फिर से उन्हें पैदल दूरी तय कर विकासनगर पहुंचना पड़ा। बताया कि उन्हें घर पहुंचने के लिए 50 किमी की दुरी पैदल नापनी पड़ी। संवाद
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