शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत कई अभिभावक फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर अपने बच्चों का स्कूलों में दाखिला दिलवा रहे हैं। प्रकरण उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के संज्ञान में लाया गया है। आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी ने उपजिलाधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं।
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग को दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है देहरादून और ऋषिकेश में कई बच्चों के अभिभावकों ने फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों का स्कूलों ने निशुल्क दाखिला करवाया है। जबकि, नियमानुसार बीपीएल, निम्न आय वर्ग और एसटी-एससी वर्ग के बच्चों का दाखिला ही शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत किया जा सकता है।
प्रकरण संज्ञान में आने के बाद बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी ने उपजिलाधिकारी को प्रकरण की जांच करने व नियमानुसार कार्रवाई करने का आदेश दिया है। उनका कहना है कि यदि बच्चों का दाखिला नियमों के विपरीत हुआ है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। पिछले साल भी कई बच्चाें ने गलत तरीके से स्कूलों में आरटीई के तहत दाखिला लिया था, जिसकी जांच के बाद कई के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी।