एग्जाम का पेपर 11 भाषाओं में उपलब्ध था। दून में इनमें से 50 प्रतिशत छात्रों ने हिंदी और 50 प्रतिशत ने अंग्रेजी में परीक्षा दी। सभी परीक्षार्थियों को लॉ से जुड़ी पुस्तकें और दूसरा कोर्स मैटेरियल साथ लाने की अनुमति थी, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स साथ रखने पर प्रतिबंध रहा।
परीक्षा के दौरान बार काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि के रूप में कपिल, संतराम, बार काउंसिल उत्तराखंड के प्रतिनिधि के रूप में उपाध्यक्ष राजवीर सिंह बिष्ट व सदस्य राकेश गुप्ता मौजूद रहे।