युवाओं को व्यावसायिक शिक्षा का लाभ देने के लिए सरकार ने प्रत्येक विधान सभा में राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज खोले हैं। लेकिन विकासनगर विधान सभा इससे अछूती है। यहां एक भी राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज नहीं है। हालांकि, सरकार ने विकासनगर में राजकीय पॉलीटेक्निक निर्माण की स्वीकृति दी थी। लेकिन जगह और भवन न मिलने के कारण कॉलेज जस्सोवाला में संचालित हो रहा है। जो सहसपुर विधान सभा का अंग है।
विकासनगर ब्लॉक क्षेत्र में करीब दो लाख आबादी होने के बाद भी क्षेत्र में एक भी पॉलीटेक्निक कॉलेज नहीं है। जिसके चलते पॉलीटेक्निक कोर्स करने के इच्छुक छात्रों को पढ़ाई के लिए जस्सोवाला या फिर सेलाकुई जाना पड़ता है। इनमें सबसे अधिक परेशानी ब्लॉक क्षेत्र के दूरस्थ गांव में रहने वाले छात्रों को हो रही है। उन्हें विकासनगर का फेरा लगाकर जस्सोवाला सेलाकुई जाना पड़ता है। विकासनगर से लगे कालसी क्षेत्र के छात्र भी इस समस्या से जूझ रहे हैं।
जबकि शुरूआत में 2008 में डाकपत्थर स्थित सिंचाई विभाग के भवन में कॉलेज का संचालन किया जा रहा था। लेकिन, उसके बाद जगह और भवन ने मिलने के कारण कॉलेज को 2011 में जस्सोवाला स्थानांतरित कर दिया गया। जबकि, क्षेत्र के लोग विकासनगर में राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज खोलने की मांग लगातार करते आ रहे है।
विकासनगर एक बड़ी आबादी वाला क्षेत्र है। इतनी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र में एक पॉलीटेक्निक कॉलेज तो होना ही चाहिए। अगर पॉलीटेक्निक कॉलेज खुलता है तो इसका छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा। -आदित्य रावत, छात्र
विकासनगर में छात्राएं बड़ी संख्या में है। लेकिन एक भी पॉलिटेक्निक कॉलेज न होने के चलते अधिकतर छात्राएं इस कोर्स से वंचित रह रही है। श्वेता चौहान, छात्र
विकासनगर में जगह न मिलने के कारण कॉलेज को जस्सोवाला स्थानांतरित कर दिया था। यहां कॉलेज ने अपना भवन का निर्माण कराया है। -एसपी सचान प्राचार्य पॉलिटेक्निक कॉलेज जस्सोवाला