छात्रसंघ चुनाव में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में डीएवी पीजी कॉलेज के छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए छात्रों ने एसएसपी के निलंबन की मांग करते हुए कॉलेज में प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ कर दिया।
धरने पर बैठे छात्रों ने कहा कि पुलिस ने बेवजह छात्रों पर लाठियां बरसाई। जिससे कॉलेज के डेढ़ हजार छात्रों को मतदान किए बगैर लौटना पड़ा। वही विजयी प्रत्याशियों को पुलिस ने मेन गेट से बाहर नहीं आने दिया।
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मजिस्ट्रेटी जांच की मांग
कॉलेज में धरने पर बैठे छात्रों ने पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की। छात्रों ने कहा कि मजिस्ट्रेटी जांच की मांग के लिए वे जिलाधिकारी से मिल चुके हैं। इसके बाद डीजीपी, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलेंगे।
छात्र संघ के अध्यक्ष सिद्धार्थ राणा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने लाठियां बरसाकर कई छात्रों को वोट नहीं डालने दिया। जबकि विजयी प्रत्याशियों को मेन गेट से नहीं आने दिया और कॉलेज के पिछले गेट से खदेड़ा दिया।
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पुलिसिया दमन का विरोध
छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष महेश जगुड़ी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदेश व्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
छात्रों ने पुलिस के एबीवीपी प्रदेश कार्यालय में घुसने का भी विरोध किया। प्रदर्शन कर धरना देने वालों में छात्र संघ उपाध्यक्ष मोनिका, सह सचिव अलीसा, राकेश नेगी, देवेंद्र बिष्ट आदि शामिल थे।