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...यहां जेल के अंदर से चलती है स्टूडेंट 'पॉलिटिक्स'

Thu, 05 Sep 2013 07:33 PM IST
अमर उजाला, ओमप्रकाश सती, हल्द्वानी
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ये पॉलिटिक्स है। इसमें अच्छा-बुरा, सही-गलत कुछ नहीं होता। बस मकसद होता है सत्ता तक पहुंच का। चाहे रास्ता जो चुनना पड़े। गंदी राजनीति का ये फंडा हल्द्वानी की स्टूडेंट पॉलिटिक्स में भी छाने लगा है।
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जेल से यहां की पॉलिटिक्स ऑपरेट हो रही है। जेल में बंद एक बदमाश द्वारा एमबीपीजी कॉलेज के एक छात्रनेता को फोन पर धमकी मिलने की बात ये हड़कंप मच गया है।

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पुलिस ने की जांच शुरू
आरोपी एक अन्य छात्रनेता पर ही है। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच इस बात की भी की जा रही है कि आखिर जेल में मोबाइल चला है।

हुआ यूं कि करीब चार दिन पहले एमबीपीजी कॉलेज चुनाव प्रचार के दौरान एक पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और छात्रनेता को एक फोन आया।

प्रत्याशी को धमकाया
फोन करने वाले ने खुद को जेल में बंद एक बदमाश बताकर प्रत्याशी को धमकाना शुरू किया। उसे इलेक्शन से हटने और दूसरे पक्ष को सपोर्ट करने को कहा गया।

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ऐसा न करने पर उसे अंजाम भुगतने को तैयार रहने को कहा गया। फोन नंबर कुछ ही देर में बंद हो गया। धमकी मिलने के बाद छात्रनेता काफी घबरा गया। उसने तुरंत मामले की गोपनीय शिकायत पुलिस में की।

जेल में कैसे पहुंचा मोबाइल
प्रारंभिक जांच और छात्रनेता के बयानों के आधार पर एक पूर्व छात्रनेता पर धमकी दिलवाने का आरोप लगाया जा रहा है। पुलिस ने धमकी वाले नंबर के साथ ही आरोपी के नंबर की डिटेल, उसके पुराने रिकार्ड और उसके संबंधों की तफ्तीश शुरू कर दी है।
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इसके अलावा कुछ अन्य संदिग्ध छात्रनेताओं के नंबरों और संबंधों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। इसके अलावा जेल में मोबाइल चलने की भी जांच शुरू कर दी गई है।

दोनों छात्रनेता दो बड़े छात्र संगठनों से जुड़े हैं और चुनाव प्रचार के दौरान टकराव के बाद ये मामला हुआ है।

अभी जांच की जा रही है
एक छात्रनेता ने शिकायत की कि उसे जेल में बंद बदमाश ने धमकी दी है। क्रिमिनल हिस्ट्री वाले एक पूर्व छात्र नेता पर आरोप है। जांच एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव को सौंपी गई है।

इसके अलावा जेल में मोबाइल चलने की भी जांच की जा रही है। छात्रों और बदमाशों के बीच संबंधों पर भी कड़ी नजर है ताकि चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ न हो। दोषी पाए जाने पर आरोपी और बदमाश के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- डा. सदानंद दाते, एसएसपी
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