उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने शुक्रवार को देहरादून के आराघर स्थित सुभाष चंद्र बोस छात्रावास और किड्स जी रेसकोर्स स्कूल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें छात्रावास से एक छात्र के गायब होने की जानकारी मिली। वहीं तमाम कमियां भी देखीं।
बाल संरक्षण आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक निरीक्षण में पता चला कि कक्षा आठ पास कर चुका छात्र शिवम 19 अप्रैल से किसी को बिना बताए छात्रावास से गायब है। छात्रावास द्वारा स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। छात्र को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नशे से मुक्त करवा कर सुभाषचंद्र बोस छात्रावास में भर्ती करवाया गया था। इसी तरह छात्र राजवीर कुछ समय पहले भाग गया था। बाद में उसके माता-पिता को सुपुर्द कर दिया गया और गौरव नामक छात्र भी मार्च में बिना बताए कहीं चला गया था। विकास सिंह व अन्य पांच छह छात्र अनुपस्थित मिले। आयोग की ओर से पूछने पर बताया गया कि वे बच्चे छुट्टी पर हैं।
बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने बताया कि एक बच्चे के ताऊ की ओर से शिकायत मिली थी कि वहां से वह अपने भतीजे को लाना चाहते हैं, लेकिन उसे लाने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बच्चे से मारपीट का आरोप भी लगाया था। छात्रावास एक एनजीओ के माध्यम से चलाया जाता है।
-
10 दिन में दस्तावेज उपलब्ध करवाने के निर्देश
निरीक्षण के मुताबिक किड्स जी स्कूल एक निजी भवन में चल रहा था जिसकी राज्य सरकार से कोई मान्यता नहीं ली गई है। इसमें 60 बच्चे पढ़ रहे थे उन्हें किताबे, बस्ता, जूते किड्स जी द्वारा दिए जा रहे हैं। इन सभी कमियों को बाद बाल संरक्षण आयोग की ओर से यह निर्देश दिया गया, किड्स जी स्कूल और सुभाष चंद्र छात्रावास सभी दस्तावेज के साथ 10 दिन में आयोग में उपलब्ध करवाएं।