पांच दिन पहले गोली लगने से घायल पूर्व छात्र नेता रोहित तिवारी की शनिवार को बीडी पांडे अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। पुलिस ने पंचनामा भर शव मोर्चरी भिजवा दिया है। जहां रविवार को शव का पोस्टमार्टम होगा। रोहित की मौत के कारण अब जानलेवा हमले की रिपोर्ट हत्या के आरोप में तरमीम की जाएगी।
चार्टन लॉज निवासी रोहित तिवारी आठ जनवरी की रात मल्लीताल में फेयर हैवेंस होटल के पास लहूलुहान हालत में पड़ा था। हल्द्वानी के निजी अस्पताल में दो दिन उपचार कराने के बाद तंगहाल परिजनों ने उसे यहां बीडी पांडे अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां शनिवार को उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने पंचनामा भर शव मोर्चरी में रख दिया है। रोहित के पिता कृष्ण चंद्र तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने नौ जनवरी को अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की थी।
पुलिस ने दस जनवरी को घटना का खुलासा कर लंघम हॉस्टल तल्लीताल निवासी संदीप और उसके रिश्तेदार अंकुर पाल को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि अपने भाई को नशेड़ी बनाने से क्षुब्ध संदीप ने अंकुर की मौजूदगी में रोहित को गोली मारी थी। कोतवाल विपिन चंद्र पंत ने बताया कि रोहित की मौत हो जाने पर आरोपियों के खिलाफ धारा 302 में चार्जशीट लगाई जाएगी। मुकदमा 307 से 302 में तरमीम किया जा रहा है।