वहीं, फरवरी में अभिभावक संघ, छात्र संघ और प्राचार्यों के साथ बैठक कर फीस की कई मदों को मिलाकर महाविद्यालय विकास निधि बनाने पर विचार किया जाएगा। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि छात्रों, अभिभावकों और महाविद्यालयों से सुझाव मिलने के बाद ही फीस को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा, लेकिन फिलहाल इसमें एक भी रुपये की वृद्धि नहीं होगी।
छात्र-छात्राओं से पूर्व में ली जा रही फीस ही बरकरार रहेगी। बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक प्रोफेसर एनपी माहेश्वरी, अध्यक्ष फीस कमेटी डॉ.बीएस बिष्ट, प्राचार्य बीएन शर्मा, रचना नौटियाल, डीसी गोस्वामी, कुमकुम रौतेला, एमएस रावत, केडी पुरोहित, डॉ.पीके पाठक आदि मौजूद रहे।