नीरज केमिस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी से बीएससी कर रहा है। परीक्षा का रिजल्ट 14 जून को आया तो केमिस्ट्री के तीसरे पेपर में केवल एक अंक दर्ज था। इस पर उसे विश्वास नहीं हुआ। इसलिए उसने परीक्षाफल सुधार परीक्षा के लिए आवेदन किया। 31 अक्तूबर को घोषित इसके रिजल्ट में भी केमिस्ट्री के तीसरे पेपर में महज एक ही अंक दर्ज था।
उसने आरटीआई के तहत कुमाऊं विवि से केमिस्ट्री के तीसरे पेपर की कॉपी मांगी। शुक्रवार को उसे डाक से केमिस्ट्री के तीसरे पेपर की फोटोस्टेट कॉपी मिली तो देखा कि इसमें परीक्षक ने उसे 13 अंक दिए थे। यदि यह 13 अंक उसके परीक्षाफल में जुड़ते तो वह पास हो जाता।