आईटीबीपी के पुराने कैंप परिसर के पास झाड़ियों में मिला शव सड़ चुका था। यह पता लगाना मुश्किल था कि चोट कहां लगी है। परिजनों का आरोप है कि हत्या करने के बाद शव झाड़ियों में ठिकाने लगाया गया है। सूरज नेकर और बनियान में था। बताया गया कि आईटीबीपी कर्मचारियों ने उसके कपड़े उसके साथी को सौंपे थे। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव और सीओ लालकुआं राजीव मोहन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने डॉग स्क्वायड के साथ घटनास्थल की जांच की, जबकि फिंगरपि्रंट एक्सपर्ट ने मौके से कई साक्ष्य जुटाए। भड़के परिजनों और ग्रामीणों ने काफी देर तक कैंप परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी की और शव नहीं उठाने दिया।
मामला बढ़ता पुलिस फोर्स बुलाई गई। सूरज के पिता ओम प्रकाश सक्सेना और भाई गोविंद सक्सेना ने आईटीबीपी कर्मचारियों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने की मांग की। विरोध के बीच पुलिस ने किसी प्रकार शव को कब्जे में लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज के मोर्चरी में भेज दिया।
गरीबी दूर करने के सपने टूट गए
सूरज के पिता ओम प्रकाश सक्सेना फल और सब्जी का ठेला लगाकर परिवार की गुजर बसर करते हैं जबकि मां वैशाखा मजदूरी करती हैं। दोनों बेटे को अफसर बनाकर गरीबी दूर करने का सपना देख रहे थे लेकिन सारे सपने चकनाचूर हो गए।
जवानों पर पिटाई का आरोप
भर्ती होने आए युवाओं से बातचीत में पता चला कि 16 दौड़ में क्वालीफाई करने के बाद अपना टोकन देते समय उसकी आईटीबीपी के जवानों से नोकझोंक हो गई थी। सूरज के साथियों के अनुसार जवानों ने उसकी लाठी से जमकर पिटाई कर दी। हालांकि आईटीबीपी के जवानों का कहना है कि मामूली धक्का-मुक्की के बाद सूरज ने जंगल की ओर दौड़ लगा दी।
आईटीबीपी का पक्ष
आईटीबीपी के कमांडेंट मुकेश यादव ने कहा कि 16 अगस्त को दौड़ के बाद सूरज की आईटीबीपी के जवानों से बहस और धक्कामुक्की हुई थी। वह गुस्से में था, इसके बाद सूरज ने जंगल की ओर दौड़ लगा दी। आईटीबीपी ने मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को भी दी और मौके पर पुलिस के पहुंचने तक वह भाग चुका था। आज उसका शव बरामद होने से वह स्तब्ध हैं।
सूरज के शव का मजिस्ट्रेट के समक्ष पंचनामा कर एसटीएच के डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पुलिस मामले की हर प्रकार से गंभीरता पूर्वक तफ्तीश करेगी।
- राजीव मोहन, सीओ लालकुआं।