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आईटीबीपी परिसर की झाड़ियों में मिला भर्ती होने आए छात्र का शव, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

Mon, 19 Aug 2019 08:40 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लालकुआं
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आईटीबीपी में भर्ती होने के लिए तीन दिन पहले हल्दूचौड़ आए नानकमत्ता के छात्र का शव संदिग्ध हालात में आईटीबीपी परिसर की झाड़ियों में मिला। शव में कीड़े पड़ गए थे। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए नानकमत्ता थाने और हल्दूचौड़ में घंटों हंगामा किया। तीन घंटे तक शव मौके पर पड़ा रहा। फिंगर प्रिंट और डॉग स्क्वायड की टीम ने साक्ष्य इकट्ठा किया है। 

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 वार्ड नंबर सात अनाज मंडी नानकमत्ता निवासी ओमप्रकाश सक्सेना का बेटा सूरज सक्सेना (24) श्री गुरुनानक देव पीजी कॉलेज नानकमत्ता में एमए प्रथम वर्ष का छात्र था। सूरज 15 अगस्त की शाम को घर से 34वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल कैंप हल्दूचौड़ में भर्ती होने के लिए अपने साथियों के साथ गया था। बताया जा रहा है कि 16 अगस्त को सूरज दौड़ में वह सफल हो गया था। 

आरोप है कि दौड़ के बाद टोकन जमा करने को लेकर उसका आईटीबीपी भर्ती के कुछ अधिकारियों के साथ विवाद हो गया था। विवाद के बाद से ही वह अचानक लापता हो गया। साथियों के सूचना देने के बाद परिजनों ने उसके गुम हो जाने की सूचना नानकमत्ता थाने में दर्ज कराने का प्रयास किया लेकिन मामला लालकुआं थाना क्षेत्र का होने के कारण पुलिस ने परिजनों को लालकुआं कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने की सलाह दी।
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इसके बाद थाने में लालकुआं थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। रविवार शाम जब परिजन और मोहल्ले के दर्जनों लोग नानकमत्ता थाने पहुंचे तो लालकुआं से आए फोन के जरिए पता चला कि लापता सूरज का शव संदिग्ध अवस्था में आईटीबीपी परिसर से बरामद हुआ है। 

परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने नानकमत्ता पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थानाध्यक्ष कमलेश भट्ट का घेराव कर दिया। थानाध्यक्ष भट्ट और नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टुरना ने आक्रोशित लोगों को बमुश्किल शांत किया। थानाध्यक्ष और चेयरमैन परिजनों के साथ हल्दूचौड़ आए।  सूरज की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पिता ओम प्रकाश सक्सेना तथा मां वैशाखा, भाई गोविंदा सक्सेना तथा बहन सपना का रो-रोकर बुरा हाल है। 

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झाड़ियों में शव ठिकाने लगाने का आरोप

आईटीबीपी के पुराने कैंप परिसर के पास झाड़ियों में मिला शव सड़ चुका था। यह पता लगाना मुश्किल था कि चोट कहां लगी है। परिजनों का आरोप है कि हत्या करने के बाद शव झाड़ियों में ठिकाने लगाया गया है। सूरज नेकर और बनियान में था। बताया गया कि आईटीबीपी कर्मचारियों ने उसके कपड़े उसके साथी को सौंपे थे। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव और सीओ लालकुआं राजीव मोहन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने  डॉग स्क्वायड के साथ घटनास्थल की जांच की, जबकि फिंगरपि्रंट एक्सपर्ट ने मौके से कई साक्ष्य जुटाए। भड़के परिजनों और ग्रामीणों ने काफी देर तक कैंप परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी की और शव नहीं उठाने दिया।

मामला बढ़ता पुलिस फोर्स बुलाई गई। सूरज के पिता ओम प्रकाश सक्सेना और भाई गोविंद सक्सेना ने आईटीबीपी कर्मचारियों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए  जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने की मांग की। विरोध के बीच पुलिस ने किसी प्रकार शव को कब्जे में लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज के मोर्चरी में भेज दिया।

गरीबी दूर करने के सपने टूट गए
सूरज के पिता ओम प्रकाश सक्सेना फल और सब्जी का ठेला लगाकर परिवार की गुजर बसर करते हैं जबकि मां वैशाखा मजदूरी करती हैं। दोनों बेटे को अफसर बनाकर गरीबी दूर करने का सपना देख रहे थे लेकिन सारे सपने चकनाचूर हो गए। 

जवानों पर पिटाई का आरोप
भर्ती होने आए युवाओं से बातचीत में पता चला कि 16 दौड़ में क्वालीफाई करने के बाद अपना टोकन देते समय उसकी आईटीबीपी के जवानों से नोकझोंक हो गई थी। सूरज के साथियों के अनुसार जवानों ने उसकी लाठी से जमकर पिटाई कर दी। हालांकि आईटीबीपी के जवानों का कहना है कि मामूली धक्का-मुक्की के बाद सूरज ने जंगल की ओर दौड़ लगा दी। 

आईटीबीपी का पक्ष
आईटीबीपी के कमांडेंट मुकेश यादव ने कहा कि 16 अगस्त को दौड़ के बाद सूरज की आईटीबीपी के जवानों से बहस और धक्कामुक्की हुई थी। वह गुस्से में था, इसके बाद सूरज ने जंगल की ओर दौड़ लगा दी। आईटीबीपी ने मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को भी दी और मौके पर पुलिस के पहुंचने तक वह भाग चुका था। आज उसका शव बरामद होने से वह स्तब्ध हैं।

सूरज के शव का मजिस्ट्रेट के समक्ष पंचनामा कर एसटीएच के डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पुलिस मामले की हर प्रकार से गंभीरता पूर्वक तफ्तीश करेगी। 
- राजीव मोहन, सीओ लालकुआं।
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