शहर के मेडिकल स्टोर शुक्रवार को बंद रहेंगे। अगर किसी रोगी को जरूरत पड़े तो दून अस्पताल, कोरोनेशन, दून महिला चिकित्सालय आदि अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर दवा ले सकता है।
इसके अलावा सीएमआई, इंद्रेश अस्पताल, सिनर्जी और हिमालयन इंस्टीट्यूट जौली ग्रांट के मेडिकल स्टोर भी इमरजेंसी और इंडोर मरीजों के लिए खुले रहेंगे।
दवा व्यवसाय में शेड्यूल एच-1 लागू करने के विरोध में भारत बंद के तहत डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर शहर के मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे।
ओपीडी के मरीजों को नहीं दी जाएंगी दवाएं
एसोसिएशन के महासचिव नवीन खुराना ने बताया कि सीएमआई, इंद्रेश, जौलीग्रांट और सिनर्जी अस्पताल में चल रहे मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे लेकिन ओपीडी में आने वाले मरीजों को दवाएं नहीं दी जाएंगी। इमरजेंसी और इंडोर रोगियों को ही दवा मिल पाएगी।
महासचिव खुराना ने बताया कि रात आठ बजे के बाद इन अस्पतालों के मेडिकल स्टोरों से जनरल रोगियों और बाहर से आने वाले रोगियों को भी दवाएं दी जाने लगेंगीं। उनका मकसद रोगियों को परेशान करना नहीं, अपनी समस्या बताना है।
सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में हुई व्यवस्था
मेडिकल स्टोरों की बंदी के मद्देनजर सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की व्यवस्था कर दी गई है। दून ग्रुप आफ हॉस्पिटल्स के निदेशक डा. एलके गुसाईं ने बताया कि अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाएं भरपूर मात्रा में उपलब्ध हैं। मरीज को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।
खुला रहेगा जेनेरिक मेडिकल स्टोर
दून अस्पताल के जेनेरिक मेडिकल स्टोर से भी रोगियों को दवाएं मिलेंगीं। जेनेरिक मेडिकल स्टोर सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक खुला रहता है। प्रभारी पीसी सेमवाल ने बताया कि अगर दवा लेने वालों की संख्या अधिक रहेगी तो स्टोर को शाम चार के बाद भी आधा-पौन घंटा और खोल दिया जाएगा।
अधिकारियों का है कहना
कोरोनेशन के अलावा प्रेमनगर, रायपुर, सहसपुर, विकासनगर, डोईवाला आदि क्षेत्रों के अस्पताल तथा सामुदायिक और स्वास्थ्य केंद्रों में भरपूर दवाओं की व्यवस्था है, किसी मरीज को दिक्कत नहीं होगी। मरीज अपने नजदीकी अस्पताल से दवा ले सकते हैं।
-डा. वीएस जंगपांगी, कार्यवाहक मुख्य चिकित्साधिकारी
-दून अस्पताल की इमरजेंसी 24 घंटे चालू रहती है। इमरजेंसी में भरपूर दवाएं होती हैं। सामान्य के अलावा जीवन रक्षक दवाएं भी उपलब्ध हैं। रोगी किसी भी वक्त आकर दवा ले सकता है।
-डा. आरएस असवाल, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, दून अस्पताल
क्या है शेड्यूल एच-1
41 दवाओं को ड्रग एक्ट से अलग करके शेड्यूल एच-1 में शामिल कर दिया गया है। इसमें एथाम्बुटोल, सेफेक्सीन, एमॉक्सिलीन आदि एंटी बायटिक शामिल हैं। इसके नियमों के तहत इन 41 सॉल्ट की दवाओं की जो बिक्री होगी उसका रजिस्टर तीन साल तक मेनटेन किया जाएगा। अगर ब्योरा दुरुस्त नहीं पाया गया तो मेडिकल स्टोर संचालक को तीन साल सजा का प्रावधान है।