कभी 8 हजार रुपए मानदेय की नौकरी करने वाली बांगाखाला की गीता हाईब्रिड सब्जियों की खेती कर न सिर्फ आत्मनिर्भर बन चुकी हैं, बल्कि दूसरी महिलाओं को भी स्वरोजगार की राह दिखा रही हैं।
कामकाजी महिलाओं के लिए मिसाल
उन्होंने टमाटरों की हिमशिखर और अविनाश जैसी प्रजातियां विकसित कीं। कामकाजी महिलाओं के लिए मिसाल बन चुकी गीता गर्व से कहती हैं, शादी को 32 साल हो गए, मगर पैसे के लिए कभी पति के आगे हाथ नहीं फैलाया।
कुछ समय पहले तक गीता महिलाओं को मशरूम उत्पादन की ट्रेनिंग देती थीं। एवज में बमुश्किल महीने के आठ हजार रुपए मिलते थे।
रुद्रप्रयाग, कोटद्वार, सतपुली, बिरौखाल आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षण के बाद वे गांव बांगाखाला लौट आईं। यहां तीन हजार वर्ग मीटर में उद्यान विभाग की मदद से पॉलीहाउस तैयार किया और हाईब्रिड टमाटर, गोभी, मेथी, पालक की खेती शुरू की।
350 महिलाओं को सिखाए सब्जी उत्पादन के गुर
गीता बताती हैं, सब्जी उत्पादन फायदेमंद है, लेकिन तकनीकी ज्ञान और बेहतर प्रजाति न होने से समस्या आती है। अब तक करीब 350 महिलाओं को सब्जी उत्पादन के गुर सिखा चुकी हूं।
खुद तैयार की टमाटर की प्रजाति
गीता खुद टमाटर के बीज से हिमशिखर, अविनाश दो और तीन प्रजाति के टमाटर की पौध तैयार करती हैं। फिर उन्हें पॉलीहाउस में उगाती हैं।
पूरी तरह जैविक तरीके से उत्पादन करने के कारण उनकी सब्जियां खेतों से ही बिक जाती हैं। टमाटर से ही औसतन तीस हजार प्रति महीना आय हो रही है।
सेवा से कुसुमलता ने पाया सम्मान
हरिद्वार में आंगनबाड़ी कार्यकत्री कुसुमलता और बबीता ने राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करके राज्य का मान बढ़ाया है। 27 फरवरी को दिल्ली में महिला महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार की ओर से पुरस्कृत किया गया।
उपलब्धियों के लिए पुरस्कृत किया गया
आंगनबाड़ी केंद्र बहादराबाद नंबर 6 की कार्यकत्री कुसुमलता को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए पुरस्कृत किया गया है।
1997 से सेवारत कुसुमलता ने बालिका समृद्धि, गर्भवती महिलाओं और बालिकाओं का टीकाकरण सहित विभिन्न योजनाओं में बढ़-चढ़कर काम किया है।
समेकित बाल विकास योजना की सभी छह सेवाओं के अलावा पल्स पोलियो, बच्चों को आसानी से आंगनबाड़ी पंहुचने के लिए केंद्र के सामने कंक्रीट सड़क निर्माण के लिए अथक प्रयास किया। समय समय पर बच्चों के टीकाकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ने दिया पुरस्कार
आंगनबाड़ी केंद्र सलेमपुर राजपूतान नंबर एक रुड़की में 1997 से सेवारत बबीता रानी ने आंगनबाड़ी में संचालित समेकित बाल विकास सेवा की सभी छह सेवाओं को कारगर ढंग से कार्यान्वित किया।
इसके अलावा उन्होंने पल्स पोलियो कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम में सक्रिय हिस्सेदारी की।
25000 रुपए और प्रशस्तिपत्र
27 फरवरी को जिले की दोनों कार्यकत्रियों को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से दिल्ली में 25000 रुपए और प्रशस्तिपत्र दिया गया। पुरस्कार महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कृष्णा तीरथ के हाथों प्रदान किए गए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने जिले इन पुरस्कारों पर खुशी जताते हुए इसे पूरे राज्य की उपलब्धि करार दिया।