अगर आप बुक पढ़ने के शौकीन हैं या फिर आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो आप परेड ग्राउंड स्थित दून लाइब्रेरी से मुफ्त में मदद ले सकते हैं।
परेड ग्राउंड स्थित लाइब्रेरी में आने वाले युवाओं से पढ़ाई के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। हर रोज यहां दर्जनों युवा घंटों बैठते हैं, प्रतियोगी पुस्तकें पढ़ते हैं, ग्रुप डिस्कशन करते हैं और कामयाबी की राह खुद गढ़ते हैं।
लाइब्रेरी के अधिकारी भी इन युवाओं के बीच आकर उन्हें जरूरी मार्गदर्शन देते हैं, लेकिन निशुल्क। लाइब्रेरी की यह खासियत दून के युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रही है।
यही वजह है कि यहां आने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। लाइब्रेरी के अधिकारी भी मानते हैं कि युवा इतनी संख्या में आते हैं कि उनके बैठने के लिए जगह नहीं बचती।
सदस्यता शुल्क
लाइब्रेरी का सदस्यता शुल्क आजीवन (20 साल के लिए) 2000 रुपए और सालाना 250 रुपए है। सदस्यता लेने वाले लोगों को यह लाभ रहता है कि वे लाइब्रेरी से अपने उपयोग की किताबें इश्यू कराकर निश्चित अवधि के लिए घर ले जा सकते हैं।
इन्हें मिली कामयाबी
दून लाइब्रेरी में तैयारी करने वाले नवीन मल्ल का चयन वीडीओ, मलेरिया इंस्पेक्टर जैसी कई पोस्ट के लिए हुआ है। श्वेता रौथाण लोअर सबऑर्डिनेट पद पर चुनी गई हैं।
इसी तरह आशीष बड़थ्वाल पर्सनल असिस्टेंट और बलवंत सिंह का चयन बैंक पीओ पद पर हुआ है। इन समेत लाइब्रेरी में पढ़ने वाले 15 युवा इस साल कोषागार, एलआईसी एडीओ, इंडियन एयरफोर्स, बैंक क्लर्क जैसे पदों पर चयनित हो चुके हैं।
ऑनलाइन ले सकते हैं जानकारी
दून लाइब्रेरी कम जगह के बावजूद बारकोडिंग से लैस है। हर पुस्तक की पूरी जानकारी लाइब्रेरी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। यहां लेखक के नाम से पुस्तक सर्च करने की भी सुविधा है। पाठक चाहें तो यहां से पुस्तक तलाशने के बाद लाइब्रेरी से इश्यू करा सकते हैं।
हमारे पास स्थान की कमी है। रीडरशिप सर्वे में भी यह बात उभरी। शिक्षा विभाग के कर्मचारी इस भवन में लाइब्रेरी की स्थापना से पहले से रह रहे हैं। यहां तीन कमरों में से एक तो हमें मिल गया है, बाकी दो भी खाली कराने का प्रयास चल रहा है। इसके अलावा कुछ अस्थायी निर्माण कराने की भी योजना है। इसके बाद स्थानाभाव की दिक्कत कुछ कम होगी।
- डॉ. बीके जोशी, निदेशक, दून लाइब्रेरी
दाम कम, क्वालिटी में दम
इन दिनों परेड ग्राउंड में लगा ट्रेड फेयर लोगों का आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां हरियाणा, लुधियाना, बंगलूरू और सूरत की जैकेट बाजार से कम दामों पर मिल रही हैं।
यानी दाम बाजार से कम और क्वालिटी में दम है। 750 रुपए से लेकर दो हजार रुपए तक में यह जैकेट खरीदी जा सकती हैं। अच्छी क्वालिटी देख बड़ी संख्या में जैकेट खरीदने लोग ट्रेड़ फेयर पहुंच रहें हैं।
इतना ही नहीं, साड़ियों और शॉल को लेकर भी महिला ग्राहकों में खासा उत्साह दिख रहा है। खास तौर पर कोलकाता की साड़ियां और कश्मीर की शॉल उन्हें खूब भा रही है। साड़ियों में कॉटन, सिल्क, कांजीवरम की अच्छी मांग है।
खूब खरीदी जा रही साड़ियां
350 रुपए से लेकर डेढ़ हजार तक साड़ियां खूब खरीदी जा रही हैं। कुछ महिला ग्राहकों का एक से मन नहीं भर रहा, वह पांच-पांच साड़ियां तक एक साथ खरीद रहीं है। निडिल, खड़ी और आरी वर्क के काम वाली शॉल की मांग ज्यादा है।
ट्रेड फेयर के स्टॉल विक्रेता समीर का कहना है कि यहां अच्छी बिक्री हो जाती है, इसलिए यहॉ बार-बार आते है। जैकेट, साड़ी, शाल के अलावा सूट, टिकोजी, बैग भी लोग खूब खरीद रहे हैं।