फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो पर्वतारोहियों की कहानी: बर्फ से लकदक चोटी पर सगाई, शिव-पार्वती के विवाह स्थल पर बंधन में बंधे

Thu, 04 Dec 2025 09:18 PM IST
अलका त्यागी दीपा शर्मा, अमर उजाला, देहरादून

सार

Uttarakhand News: पर्वतारोहियों की इस जोड़ी ने किलिमंजारो चोटी पर सगाई की और दो दिसंबर को शिव-पावर्ती के विवाहस्थल त्रियुगीनारायण में विवाह बंधन में बंध गए।
विज्ञापन
श्वेता और अंकित - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कहते हैं रिश्ते ऊपर से बनकर आते हैं लेकिन ये एक रिश्ता ऐसा है जो ऊंचाइयों पर बना। पर्वतारोही श्वेता और अंकित चोटी फतह करने के मुश्किल डगर पर गए पर जब नीचे उतरे तो दोनों एक साथ हाथ पकड़कर एक-दूसरे का जीवनभर हाथ न छोड़ने के वादे के साथ।

विज्ञापन


यह कहानी फिल्मी नहीं बल्कि दो पर्वतारोहियों की है। जब दिल्ली की श्वेता ने देहरादून के पर्वतारोही अंकित को ऊंची चाेटी फतह करने का अपना सपना बताया तो अंकित ने उन्हें अपने जोखिम पर चोटी को फतह कराया। पर्वतारोहियों की इस जोड़ी ने किलिमंजारो चोटी पर सगाई की और दो दिसंबर को शिव-पावर्ती के विवाहस्थल त्रियुगीनारायण में विवाह बंधन में बंध गए। दिल्ली की गौतम कॉलोनी निवासी श्वेता (32) का ट्रैकिंग पैशन था लेकिन बचपन में एक बीमारी से उनकी आंखों की रोशनी चली गई मगर यह अंधेरा उनके हौसले को कम नहीं कर सका। ट्रैकिंग का इतना जुनून था कि चोटी फतह करने की हर संभावना टटोली।

Uttarakhand: पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई शीतकालीन यात्रा
विज्ञापन


दिव्यांग होने के कारण लोगों ने साथ नहीं दिया न ही इससे संबंधित प्रशिक्षण ले पाईं। फिर एक दिन श्वेता देहरादून में क्लेमेंटटाउन निवासी पर्वतारोही अंकित (33) से दून में ही मिलीं। श्वेता ने अंकित को चोटी फतह करने का अपना सपना बताया तो उन्होंने हामी भर दी। अंकित ने श्वेता को पहले छोटे-छोटे कई ट्रैक पार कराए इसके बाद बीती 17 जुलाई को कठिन रास्तों को पार कर जो जोंगो चोटी को फतह किया और पहली दिव्यांग महिला पर्वतारोही का रिकॉर्ड अपने नाम किया।

विज्ञापन

इसके बाद 19 सितंबर को किलिमंजारो चोटी फतह की। इसी चोटी को फतह करने के दौरान सगाई भी कर ली। ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय जोड़े भी बने। ग्लेशियर, दुर्गम और कठिन रास्तों को पार कर अब यह पर्वतारोही की जोड़ी दो दिसंबर को शिव-पावर्ती के विवाहस्थल त्रियुगीनारायण में विवाह बंधन में बंध गई।

अंकित को जहां श्वेता का अपने सपने को पूरा करने का जुनून पसंद आया तो श्वेता को भी ऐसा जीवन साथी चाहिए था जो उसे उसी रूप में स्वीकार करे जैसी वह हैं। इसी के साथ अंकित और श्वेता लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें