50 स्टोन क्रशर के भविष्य का फैसला जल्द होगा। जानिए क्या है यह पूरा मामला...
स्टोन क्रशरों से हो रहे प्रदूषण में अब अप्रैल के पहले हफ्ते में राष्ट्रीय हरित अधिकरण में सुनवाई होगी। प्रदूषण की जांच करने आए विशेषज्ञों की टीम ने सोमवार को रिपोर्ट सौंप दी थी। मोतीनगर में हिमालय स्टोन क्रशर और हिमालय ग्रिट्स के खिलाफ गांव के ही तेजिंदर जौली और उमराव सिंह भंडारी ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण में गुहार लगाई थी।
इस पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने हवा, पानी, मिट्टी और ध्वनि प्रदूषण की जांच की थी। रिपोर्ट में स्टोन क्रशर में मानकों का उल्लंघन पाया गया था। प्रदूषण भी निकला था। इसके बाद एनजीटी ने हल्द्वानी और लालकुआं के सभी 50 स्टोन क्रशरों में प्रदूषण नियंत्रण के इंतजाम और प्रदूषण की मात्रा की जांच करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में पिछले दिनों केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और वैज्ञानिकों की टीम ने प्रदूषण की जांच की थी।
इधर विशेषज्ञों की टीम ने 19 फरवरी को यह रिपोर्ट एनजीटी को सौंप दी है। अब एनजीटी ने इस मामले में 10 अप्रैल को फैसला सुना सकती है। अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने बताया कि हल्द्वानी व लालकुआं के 50 स्टोन क्रशर के मामले में विशेषज्ञों ने 19 फरवरी को रिपोर्ट सौंप दी है, खंडपीठ रिपोर्ट के अध्ययन के बाद 10 अप्रैल को फैसला सुना सकती है।