एटीएम में लोहे की चिमटी (छोटा चिमटा) फंसाकर पैसे चोरी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को पकड़ा गया है। आरोपी अपने साथियों के साथ एटीएम कक्ष में मशीन के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। हालांकि, वह चोरी करने में असफल रहा। उसके अन्य साथी वहां से भागने में सफल हो गए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
घटना नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में एलआईसी बिल्डिंग के पास एसबीआई एटीएम की है। पुलिस के अनुसार यहां पर शुक्रवार शाम को रुपये निकालने वाले आ रहे थे। इसी दौरान दो युवक काफी देर से कक्ष में खड़े हुए थे। एटीएम गार्ड को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो उसने बैंक स्टाफ को सूचना दी। मौके पर पहुंचे स्टाफ ने युवकों को पकड़ना चाहा तो उसका साथी भाग निकला। जबकि, एक को उन्होंने पकड़ लिया। आरोपी ने अपना नाम जुनैद निवासी भीमसिखा, तहसील हथीन, उतावर, पलवल हरियाणा बताया।
उसने पुलिस को बताया कि उसका साथी साहिल वहां से भाग निकला है। आरोपी के पास से रुपये बरामद नहीं हुए हैं। पता चला कि वह अपने मंशूबों में कामयाब नहीं हुआ। इंस्पेक्टर नेहरू कॉलोनी राकेश गुसाईं ने बताया कि आरोपी के साथी की तलाश की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
ऐसे करते हैं घटना
जुनैद ने पुलिस को बताया कि सबसे पहले अपने एटीएम कार्ड से कम से कम 500 रुपये की ट्रांजेक्शन की जाती है। मशीन से 500 का नोट बाहर आ जाता है। उसी वक्त धातु की चिमटी को तुरंत एटीएम मशीन में पैसे निकलने वाली जगह में फंसा देते। इस कारण एटीएम मशीन का शटर खुला रहता। इसके बाद दोबारा अपने एटीएम से 10 हजार या उससे अधिक धनराशि का ट्रांजेक्शन करते। इससे एटीएम मशीन की ट्रे से पैसे आरोपी द्वारा फंसाई गई चिमटी में अटक जाते हैं। मशीन का शटर खुला होने के कारण मशीन उन पैसों को बाहर निकलने के दौरान सेंस नहीं कर पाती। जिस कारण खाताधारक के खाते से पैसों की कटौती नहीं होती। एटीएम मशीन की ट्रे से जो पैसे चिमटी में आते वह आरोपी मशीन से निकाल लेते हैं।