देहरादून। मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर गोलीकांड के सभी सात राज्य आंदोलन के शहीदों की मूर्तियां लगेंगी। अमर उजाला में बुधवार 30 सितंबर 2026 को इससे संबंधित खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद इसके लिए पूर्व में जारी शासनादेश को संशोधित किया जाएगा।
राज्य आंदोलन के दौरान दो अक्तूबर 1994 को उत्तराखंड अलग राज्य की मांग को लेकर दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों पर पुलिस ने मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर गोलीबारी की थी। पुलिस की इस गोलीबारी में सात आंदोलनकारी रविंद्र सिंह रावत, सत्येंद्र चौहान, गिरीश भद्री (भंडारी), राजेश लखेड़ा, सूर्य प्रकाश थपलियाल (सूर्य कुमार शर्मा), राजेश नेगी, अशोक कुमार शहीद हुए थे। दो अक्तूबर 2024 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामपुर तिराहे में शहीदों श्रद्धांजलि देते हुए सभी शहीदों की मूर्तियां स्थापित करने की घोषणा की थी। सीएम की घोषणा के बाद शासन ने संस्कृति निदेशालय को रामपुर तिराहे में चार आंदोलनकारियों की मूर्तियां शहीद स्थल पर स्थापित करने का आदेश किया। सात में से यह चार कौनसे आंदोलनकारी है, आदेश में इसका भी जिक्र नहीं है। राज्य आंदोलनकारी संगठनों का कहना था कि सरकार का यह रवैया शहीदों के बलिदान का अपमान है। शहीदों ने राज्य के लिए अपना खून बहाया था, ऐसे में केवल चार की मूर्तियां लगाने का निर्णय किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। अमर उजाला में इसकी खबर प्रकाशित होने के बाद अब शासन का कहना है कि शीघ्र ही आदेश को संशोधित कर रामपुर तिराहे में सभी शहीद आंदोलनकारियों की मूर्ति लगाई जाएगी। अपर सचिव संस्कृति एनएस डुंगरियाल ने इसकी पुष्टि की है। डुंगरियाल का कहना है कि मूर्ति लगाए जाने को लेकर कार्यदायी संस्था का चयन कर लिया गया है। जो शीघ्र इस पर काम शुरू करेगी।