यह कहना है सरकार का
देहरादून। सरकार ने राज्य विश्वविद्यालय और निजी विश्वविद्यालय विधेयक को मंजूरी के लिए राजभवन भेजा है। इन विधेयकों को मंजूरी मिलने से निजी विवि की मनमानी पर लगाम लगेगी। वहीं राज्य विश्वविद्यालय भी एक एक्ट से चल सकेंगे। सभी राज्य विवि एक नियम, एक परिनियम से चलेंगे।
क्या कहते हैं शिक्षक
सरकार चाहती है कि केंद्रीय विवि से संबद्ध अशासकीय महाविद्यालयों को राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध किया जाए। ताकि इनमें होने वाली नियुक्तियों के साथ ही अन्य पर पूरी तरह से उसका नियंत्रण हो।
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राजभवन ने पूर्व में इसलिए लौटाया विधेयक
देहरादून। राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति का अधिकार राज्यपाल के पास है। सरकार इसके लिए तीन लोगों के नाम के पैनल की सिफारिश कर इसे राजभवन भेजती हैं। राज्यपाल इनमें से जिसे उपयुक्त पाते हैं, कुलपति के पद पर उसकी नियुक्ति करते हैं, लेकिन सरकार चाहती है कि कुलपति की नियुक्ति के लिए सरकार सबसे उपयुक्त व्यक्ति का नाम राजभवन भेजे। जिसकी इस पद पर नियुक्ति की जाए। वहीं पीएचडी की मानद उपाधि के लिए भी राजभवन के अधिकार को कमतर करने और महाविद्यालयों की संबद्धता को लेकर राजभवन से पूर्व में आपत्ति लग चुकी है।