उत्तराखंड परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाहियों की भर्ती के मानकों में बदलाव किया जाएगा। परिवहन मुख्यालय की ओर से इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जिसमें प्रवर्तन सिपाही के लिए शैक्षिक योग्यता, आयु आदि में संशोधन किया गया है। परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाहियों के 184 पद हैं।
इसमें कई सिपाही कार्यालयों में या फिर अधिकारियों के साथ अटैच होते हैं। वहीं, वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके मद्देनजर परिवहन विभाग संभागीय निरीक्षकों की तैनाती कर रहा है। चेकिंग आदि के लिए प्रवर्तन सिपाहियों की भर्ती करने का फैसला भी लिया गया है, इसकी तैयारी चल रही है। लेकिन विभाग ने प्रवर्तन सिपाहियों की भर्ती से पहले मानकों में बदलाव का निर्णय लिया है।
विभाग की ओर से शासन में भर्ती के लिए आयु सीमा 42 साल से घटाकर 35 साल, शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट करने की संस्तुति भेजी गई है। वहीं, प्रस्ताव में पुरुषों की लंबाई का मानक 160 सेमी से बढ़ाकर 165 कर दिया गया है। जबकि महिलाओं के लिए पुरुषों के बराबर लंबाई के अलावा ऊंची कूद जैसे मानकों को हटाकर लंबाई 155 सेमी करने का प्रस्ताव भेजा गया है।
इसके अलावा प्रवर्तन सिपाहियों का पद समूह-ग होने के कारण अब अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से भर्ती होगी। उधर, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने बताया कि बेहतर ढंग से चेकिंग हो सके, इसके लिए प्रवर्तन सिपाहियों की भर्ती करने की योजना है। इस दिशा में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
सेवानिवृत्त परिचालकों की होगी वापसी
रोडवेज में सेवानिवृत्त परिचालकों की दोबारा भर्ती होगी। रोडवेज इंपलाइज यूनियन के प्रदेश महामंत्री रवि पचौरी ने बताया कि इस संबंध में रोडवेज प्रबंधन से मांग की गई थी। परिवहन मंत्री ने योजना पर सहमति प्रदान कर दी है। बताया कि अब 60 से 65 वर्ष उम्र के स्वस्थ सेवानिवृत्त परिचालकों को रोडवेज में दोबारा तैनात किया जा सकेगा। इससे रोडवेज में कर्मियों की कमी दूर होगी।