जयजीत की ओर से प्रश्न उपलब्ध कराए जाने के बाद मनोज जोशी, कोचिंग डायरेक्टर कुलवीर सिंह, शूरवीर सिंह चौहान गौरव ने परीक्षा तिथि से एक दिन पूर्व अभ्यर्थियों को रामनगर स्थित एक रिजॉर्ट में बुलाया था। वहां मनोज के नाम से तीन कमरे बुक थे। इसके बाद पैैसे देने वाले अभ्यर्थियों को प्रश्न याद कराए गए। अगली सुबह उन्हें परीक्षा केंद्र पहुंचा दिया गया था। एसएसपी ने बताया कि फिलहाल अभ्यर्थियों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है कि वे कितने थे और कौन-कौन से सेंटर पर परीक्षा देने गए थे। अभी तक जो बात सामने आई है, उसके अनुसार अधिकतर अभ्यर्थियों ने देहरादून और हरिद्वार में परीक्षा दी थी।
आयोग की अन्य परीक्षाएं भी संदेह के घेरे में
स्नातक स्तर की परीक्षा में धांधली का खुलासा होने के बाद अब आयोग की अन्य परीक्षाएं भी संदेह के घेरे में आ गई हैं। क्योंकि, जो गिरोह पकड़ा गया है, उसके सभी सदस्य वर्ष 2015 से आपस में मिलते रहे हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि गिरोह ने कहीं अन्य परीक्षाओं में भी गड़बड़ी तो नहीं की है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि फिलहाल तो ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन आरोपियों से पूछताछ जारी है। साथ ही मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जो सामने आएगा, उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।