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I- एसएसपी ने सीसीटीवी कैमरों का निगरानी कक्ष दून अस्पताल चौकी में स्थापित करने के लिए कहाI
बच्ची का भ्रूण मिलने की घटना के बाद एसएसपी ने दून अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां जरूरत के हिसाब से कैमरे नहीं थे। यही नहीं जो कैमरे हैं भी उनका निगरानी कक्ष बंद पड़ा था। कोई कर्मचारी निगरानी के लिए तैनात नहीं था। ऐसे में अब एसएसपी ने निगरानी कक्ष को दून अस्पताल चौकी में स्थापित करने के लिए अस्पताल से पत्राचार किया है। यही नहीं परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पिछले दिनों कोलकाता में हुई घटना के बाद यहां के अस्पतालों का निरीक्षण किया गया था। इसमें सुरक्षा का ऑडिट किया गया। कोरोनेशन अस्पताल में चार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। इसके अलावा दून अस्पताल चौकी में भी कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई। अब तीन दिन पहले एक बच्ची का शव दून अस्पताल के शौचालय में मिला। इसकी पुलिस लगातार जांच कर रही थी। पता चला कि तीन दिनों के भीतर दून अस्पताल में 41 महिलाओं का प्रसव हुआ है, जिनमें 40 बच्चों ने जन्म लिया। जबकि, एक बच्चा मृत पैदा हुआ था।
इसके माता पिता वसंत विहार थाना क्षेत्र के थे। बच्चे के शव का अंतिम संस्कार किया गया, जिसकी वसंत विहार थाना पुलिस ने पुष्टि भी की। ऐसे में इस बात की पुष्टि होती है कि जिस बच्ची का शव था उसकी माता का प्रसव इस अस्पताल में नहीं हुआ। इस जांच के बाद मंगलवार को एसएसपी ने दून अस्पताल का निरीक्षण किया तो वहां सुरक्षा को लेकर लापरवाही सामने आई।
निरीक्षण में पता चला कि जिस स्थान पर नवजात का शव मिला वहां आने और जाने वाले रास्तों पर सीसीटीवी कवरेज नहीं है। कुछ कैमरे परिसर में खराब भी मिले। निगरानी कक्ष का दौरा किया तो वह बंद मिला। एसएसपी ने सीसीटीवी कैमरों की 24 घंटे निगरानी करने के निर्देश भी दिए हैं।
Iमुकदमा दर्ज करने के दिए आदेशI
एसएसपी ने नवजात का शव मिलने के मामले में कोतवाली पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस गंभीरता से जांच करेगी। ताकि, शव को यहां डालने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इस भवन के आसपास के भवनों में लगे कैमरों की फुटेज को देखने के निर्देश भी एसएसपी ने दिए हैं।