आगामी 10 जुलाई को व्यापार सभा के नव निर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाना है। लेकिन शपथ ग्रहण समारोह से पूर्व पदाधिकारियों का मतभेद खुलकर सामने आ गया है।
व्यापार सभा के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह से पहले संगठन के भीतर असंतोष उभरकर सामने आया है। व्यापार सभा के महासचिव और कोषाध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों में उनकी लगातार उपेक्षा की गई है। इस संबंध में दोनों पदाधिकारियों ने व्यापार सभा जिलाध्यक्ष को ज्ञापन भी भेजा है।
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आगामी 10 जुलाई को व्यापार सभा के नव निर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाना है। लेकिन शपथ ग्रहण समारोह से पूर्व पदाधिकारियों का मतभेद खुलकर सामने आ गया है। व्यापार सभा के महासचिव छवि अग्रवाल व कोषाध्यक्ष पंकज नेगी ने आरोप लगाया कि शपथ ग्रहण समारोह के आयोजन से पहले कार्यक्रम स्थल, रूपरेखा और अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों पर संगठन के पदाधिकारियों से कोई समुचित विचार-विमर्श नहीं किया गया। उनका कहना है कि ऐसे महत्वपूर्ण फैसले सर्वसम्मति और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होने चाहिए थे।
दोनों पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। महासचिव और कोषाध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं होती और उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका शपथ ग्रहण समारोह में शामिल न होना संगठन की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों के सम्मान में लिया गया एक सिद्धांतगत निर्णय है।