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दो सितंबर से घर के पास होगी जांच, लगेंगे स्पेशल स्क्रीनिंग कैंप

Thu, 25 Aug 2016 08:57 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड सरकार दो सितंबर से प्रत्येक ब्लॉक में निशुल्क विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर आयोजित करने जा रही है।
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कुमाऊं और गढ़वाल के तीन-तीन ब्लॉकों में शिविर आयोजित कर इसकी शुरुआत की जाएगी। पीपीपी मोड में लगने वाले इन शिविरों में हंस फाउंडेशन, दो प्राइवेट अस्पताल और चार प्राइवेट मेडिकल कॉलेज सरकार को सहयोग करेंगे।

बुधवार को स्वास्थ्य महानिदेशालय में स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में स्क्रिनिंग कैंपों के आयोजन के संबंध में बैठक आयोजित की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एक सितंबर को कैंपों के लिए टीम दून से रवाना होगी। चार चिकित्सकों की एक्सरे व पैथोलॉजी उपकरणों से लैस टीम मौके पर ही चिकित्सकों की जांच कर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराएगी।
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टीम में फिजीशियन, चाइल्ड स्पेशलिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, जीडीएमओ और पैरामेडिक्स स्टाफ रहेगा। मौके पर ही गंभीर बीमार और विशेष आवश्यकता वाले मरीजों को चिन्हित कर हायर सेंटर के लिए रेफर किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मरीज को अस्पताल तक पहुंचने के लिए एक हजार रुपये बतौर किराया भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गढ़वाल मंडल में आकाश अस्पताल और कुमाऊं मंडल में बांबे अस्पताल शिविर लगाएगा।

इसके अलावा चार प्राइवेट कॉलेज श्री गुरू राम राय मेडिकल कॉलेज, जौलीग्रांट मेडिकल कॉलेज, आरोग्यम मेडिकल कॉलेज और सुभारती मेडिकल कॉलेज भी महीने के चार-चार शिविर लगाएंगे।

हंस फाउंडेशन के सचल चिकित्सा वाहन भी शिविर लगाएंगे, जिसमें तीन टीम के स्पेशलिस्ट, एक हंस फाउंडेशन का डॉक्टर और एक विभागीय डॉक्टर होगा। बैठक में मिशन निदेशक डॉ. नीरज खैरवाल, निदेशक एनएचएम डॉ. आरएस असवाल, नोडल अफसर डॉ. अजीत गैरोला, प्राइवेट अस्पतालों के प्रतिनिधि, हंस फाउंडेशन के मैनेजर मनोज भी मौजूद रहे।
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एमएसबीवाई में हार्निया व गॉल ब्लेडर स्टोन का भी ईलाज
स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि सरकार एमएसबीवाई के तहत दिल की बीमारियों, हर्निया और गाल ब्लेडर स्टोन जैसी गंभीर बीमारियों के रोगियों को विशेषज्ञ अस्पतालों में भेजने की योजना बना रही है। मरीज को शिविर से अस्पताल तक पहुंचाने का खर्च भी सरकार उठाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत करीब 14 लाख लाभार्थी परिवारों के कार्ड बनाए जा चुके हैं।
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