केंद्र सरकार ने उत्तराखंड और हिमाचल में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन को मिलने वाली विशेष सब्सिडी योजना मार्च 2017 तक बढ़ा दी है।
उत्तराखंड और हिमाचल को विशेष औद्योगिक पैकेज
योजना छह जनवरी 2013 को समाप्त हो गई थी। लेकिन इस दौरान यदि किसी ने उद्योग स्थापित किया है तो वह सब्सिडी के लिए इस साल 31 अगस्त तक आवेदन कर सकता है।
केंद्रीय पूंजी निवेश उपादान (सब्सिडी) राज सहायता योजना राज्य के सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों के लिए है। 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उत्तराखंड और हिमाचल को विशेष औद्योगिक पैकेज दिया था।
यह औद्योगिक पैकेज 2013 तक था लेकिन इसे यूपीए सरकार ने 2010 में वापस ले लिया। बाद में केंद्रीय उत्पाद शुल्क आदि पर छूट जारी रही। यह सब्सिडी भी छह जनवरी 2013 को खत्म कर दी गई।
इसके बाद लगातार राज्य इस सब्सिडी योजना का समय बढ़ाने की मांग करता आ रहा था। अंतत: केंद्र सरकार ने इसे 31 मार्च 2017 तक बढ़ा दिया है।
पूंजी का 15 फीसदी या 50 लाख तक सब्सिडी मिलेगी
राज्य के उद्योग निदेशालय की जानकारी के मुताबिक सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग लगाने के लिए अब कुल पूंजी निवेश का 15 प्रतिशत या अधिकतम 50 लाख की सब्सिडी मिलेगी।
इसी तरह से वृहत्त उद्योग के लिए कुल पूंजी निवेश का पंद्रह प्रतिशत या अधिकतम तीस लाख रुपये मिलेगा। विस्तारीकरण करने वाली इकाइयों को भी यह सुविधा मिलेगी। 7 जनवरी 2013 से अब तक यह सुविधा नहीं थी।
इस दौरान जो भी औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुई हैं यदि वे पात्र हैं और सब्सिडी चाहती है तो 31 अगस्त 2014 तक दावा पेश कर सकती हैं।
आने वाले समय में लगने वाली इकाइयों को एक वर्ष के भीतर उत्पादन शुरू करने के बाद सब्सिडी के लिए दावा करना होगा। इसके लिए महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र में पंजीकरण कराना होगा।