यूनिसन वर्ल्ड स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में कलाकारों को सम्मानित करती मंत्री रेखा आर्य।
देहरादून। स्पिक मैके की ओर से आयोजित स्टेट कन्वेंशन के अंतिम दिन बाल विकास एवं महिला सशक्तीकरण राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि संगीत एवं नृत्य संस्कृति की द्योतक है। भारतीय संस्कृति में संगीत एवं नृत्य का सदियों से खास महत्व रहा है। शास्त्रीय संगीत और नृत्य तनाव से मुक्ति दिलाता है। लेकिन आज युवा पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति की ओर खींची चली जा रही है। जिसकी वजह से वह अपनी जड़ों से दूर हो रही है। हमें अपनी संस्कृति को प्रोत्साहन देना चाहिए। इसी में हमारा भविष्य सुरक्षित है।
मसूरी रोड स्थित यूनिसन वर्ल्ड स्कूल में आयोजित तीन दिवसीय कन्वेंशन के समापन पर रोनू मजूमदार ने बांसुरी, सिक्की गुरचरन ने कर्नाटक वोकल्स की प्रस्तुति दी। इस दौरान वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि हर किसी के मन को प्रफुल्लित करती रही। उसके बाद डॉ. अलंकार सिंह ने गुरुबानी का बखान किया। भगत नाम देव ने ‘महिषासुर मर्दिनी..’ गीत की प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य तनाव से मुक्ति दिलाता है। जबकि, अन्य संगीत में ऐसा नहीं होता। यही भारतीय संस्कृति की खासियत है। स्कूल प्रिंसिपल दिव्या द्विवेदी ने सभी कलाकारों को सम्मानित किया। इनमें कलाकार तुलिका घोष, विजया गोडबोले, दीप्ति गुप्ता, रवि प्रकाश, तान्या सक्सेना, शलाखा राय, डॉ. अलंकार सिंह, तरपद राजक, जयशंकर मिश्रा, दादा पुदुम, अंबिका देवी, राजेंद्र श्याम, कमलदीप सिंह, कमलदीप सिंह आदि शामिल रहे। इस अवसर पर मैके की सचिव विद्या वासन समेत कई उपस्थित रहे।