साढ़े तीन माह से बीमार लक्ष्मी हथिनी को देखने साउथ अफ्रीका के डॉक्टर कोवस राथ रामनगर में आमडंडा डिपो पहुंचे। यहां उन्होंने अन्य हथिनियों की सेहत की भी जांच की। उन्होंने लक्ष्मी हथिनी के इलाज एवं उसके खानपान के बारे में वन विभाग के अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली और दिशा-निर्देश दिए।
डॉ. राथ ने बताया कि लक्ष्मी को लेमिनाटस बीमारी है, जो इसके दूसरे पैर में भी फैल गई है। यह एक घातक बीमारी है। यदि समय रहते ठीक नहीं हुई तो पैर काटना भी पड़ सकता है। परंतु नकली पैर लगाना अब तक कारगर साबित नहीं हुआ है। साउथ अफ्रीका में ऐसी बीमारी से ग्रस्त घोड़े का पैर काटकर नकली पैर लगाया गया था, लेकिन वह कारगर नहीं हुआ था। इसलिए जरूरी होगा कि इसका इलाज मेडिसन एवं खानपान के जरिये किया जाए।
साउथ अफ्रीका के क्रुगर नेशनल पार्क के पशु चिकित्सक डॉ.कोवस राथ रविवार सुबह दस बजे आमडंडा डिपो पहुंचे। उनके साथ अन्य वनाधिकारी भी थे। डॉक्टर ने सबसे पहले हथिनी लक्ष्मी का अब तक हुए इलाज की रिपोर्ट एवं उसका डाइट चार्ट चेक किया। इसके बाद हथिनी के दोनों पैरों की गहनता से जांच की। उन्होंने हथिनी को दवाइयां भी दीं।
इसके बाद मोहान में टस्कर नहीं मिलने पर वह ढिकाला चले गए। यदि सोमवार तक टस्कर दिखाई दिया तो उसको भी चेक करेंगे, वैसे विभाग ने टस्कर की पहले एवं वर्तमान की फोटो डॉक्टर को दिखाई है। फोटो के जरिये डॉक्टर ने टस्कर के स्वस्थ होने की बात कही है। इस दौरान उनके साथ सीसीएफ कुमाऊं विवेक पांडेय, वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त डॉ.पराग मधुकर धकाते, रणथंबोर नेशनल पार्क के उपनिदेशक के अलावा डीएफओ रामनगर बीपी सिंह आदि मौजूद थे।