प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मरीजों से रूबरू हुए। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की सांसें अटकी रहीं, लेकिन दून का नंबर नहीं आने पर उन्होंने राहत की सांस ली। सरकारी अस्पताल में इलाज करा चुके 10 लोगों की पीएम से रूबरू होने की हसरत अधूरी रह गई।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री ने देश के सभी जिलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रधानमंत्री जन औषधि योजना समेत कई स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी ली। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक हफ्ते से तैयारियां की जा रही थी। पीएम से रूबरू कराने के लिए 10 ऐसे लोगों को भी बुलाया गया था, जिनका हार्ट सर्जरी सहित अन्य गंभीर रोगों का इलाज हुआ था।
कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में सीएमओ डॉ. एसके गुप्ता, एसीएमओ डॉ. दयाल शरण समेत स्वास्थ्य के कई अधिकारी और इलाज करा चुके 10 लोग करीब एक घंटे तक स्क्रीन पर नजरें जमाए रहे, लेकिन पीएम से रूबरू होने के लिए उत्तराखंड सहित दून का नंबर नहीं आया। ऐसे में इलाज करा चुके लोगों की पीएम से रूबरू होने की हसरत अधूरी रह गई।
हालांकि पीएम मोदी ने इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कई राज्यों के मरीजों से पूछा कि हार्ट सर्जरी कराने के लिए उन्हें जन औषधि केंद्रों से सस्ते स्टेंट के साथ ही दवाइयों की सुविधा मिली या नहीं? उन्होंने मरीजों से जानकारी ली कि जन औषधि केंद्रों पर उन्हें पर्याप्त दवाइयां दी जा रही है या नहीं? इस दौरान विभागीय अधिकारियों की धड़कनें तेज होती रहीं। उन्हें चिंता रही कि पीएम न जाने क्या जानकारी मांग लें। एक घंटे बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग समाप्त होने पर सीएमओ समेत सभी अफसरों ने राहत की सांस ली।