89 निकायों को 48.42 करोड़ रुपये किए गए थे जारी
नतीजा ये हुआ कि बड़ी संख्या में निकाय इससे संबंधित प्रोजेक्ट तैयार नहीं कर पाए। हाल ही में सचिव शहरी विकास की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें बताया गया कि केंद्रांश के 71.28 करोड़ में से 62 परियोजनाओं के लिए 89 निकायों को 48.42 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इनमें से 20.62 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाणपत्र तो केंद्र को भेजे जा चुके हैं। 15.17 करोड़ के निदेशालय को मिले हैं, जिन्हें जल्द ही केंद्र को भेज दिया जाएगा।
निर्णय लिया गया है कि केंद्रों व राज्यांश को प्रोजेक्ट क्लोजर रिपोर्ट के साथ समर्पित किया जाए। इसलिए सभी निकायों को दो दिन के भीतर यह धनराशि लौटानी होगी। इसके बाद 15 से 20 वर्ष की आवश्यकता को देखते हुए आधुनिक तकनीकी का समावेश कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की नई परियोजनाएं तैयार की जाएंगी।
ऋषिकेश अब टेंडर जारी नहीं कर सकेगा
नगर निगम ऋषिकेश ने लंबी जद्दोजहद के बाद अपने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को टेंडर तक पहुंचाया है, लेकिन अब इसकी राशि लौटानी होगी। कई निकाय लगातार डीपीआर बढ़ा रहे थे, जबकि केंद्र इसे 2023 में ही बंद कर चुका है और अब बजट नहीं मिल सकता।
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शासन स्तर पर निर्णय होने के बाद सभी निकायों से केंद्रांश व राज्यांश लौटाने को कहा गया है। नए सिरे से प्रोजेक्ट बनवाए जाएंगे। उपयोगिता प्रमाण पत्र भी मांगे गए हैं। -डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर निदेशक, शहरी विकास