बताया कि आपके नंबर का चयन हुआ है और ईनाम में ब्लूटूथ निकला है। इसके बाद कॉल करने वाले ने ईनाम भेजने के लिए फौजी से नाम और पता पूछा। झांसे में आकर फौजी ने नाम, पता बता दिया।
इसके बाद कॉल करने वाले ने दो दिन में ईनाम पहुंचाने की बात कही। अगले दिन फिर उसी नंबर से फौजी के पास कॉल आई और बताया गया कि ब्लूटूथ के साथ एक स्विफ्ट कार भी ईनाम में निकली है।
कार लेने के लिए 40 हजार रुपये देने के साथ ही अपना और पिता का खाता नंबर भी बताना होगा। कार आपके पास पहुंचने के बाद वह यह रकम दोनों के खाते में डाल दी जाएगी। फौजी ने झांसे में आकर अपना और पिता का खाता व एटीएम कार्ड का नंबर बता दिया।
साथ ही 40 हजार में भी उसके खाते में डाल दिए। इसके बाद फौजी के पास तीसरी बार कॉल आई और कुछ रकम खाते में फिर डालने की बात कही। इसके बाद एक-एक कर फौजी के पास कई कॉल आई और खाते में करीब छह लाख रुपये डलवा लिए गए।
ठगों ने एक सप्ताह दो दिन के अंदर कार उनके पते पर पहुंचने की बात कही। दो दिन बाद कार नहीं पहुंची तो फौजी ने उक्त नंबर पर कॉल की, लेकिन वह बंद था। इसके बाद फौजी को ठगी का एहसास हुआ। रविवार को फौजी ने सिविल लाइंस कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी। एसएसआई अभिनव शर्मा ने बताया कि मामले को साइबर सेल भेजने के साथ केस दर्ज करने की तैयारी है।