राजधानी में नशा रोकने के लिए दून पुलिस ने एसओपी तैयार की है। अब थाना स्तर पर मोहल्लेवार नशा निरोधक समिति बनाई जाएगी। इसमें सामाजिक लोगों, छात्र-छात्राओं और महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा। इन समितियों से समय-समय पर नशे की रोकथाम के लिए सुझाव भी मांगे जाएंगे। थाना प्रभारियों को 15 दिन के अंदर समिति बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि नशे की रोकथाम में आमजन की सहभागिता बढ़ाने के लिए क्षेत्रवार समितियां बनाई जाएंगी। सभी थाना प्रभारी थाना स्तर पर कर्मचारियों को नशे के खिलाफ कार्रवाई के लिए लक्ष्य देंगे और समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। समिति में सामाजिक संगठनों के सदस्यों, जागरूक नागरिकों, स्वयंसेवी संगठन के सदस्यों, युवा वर्ग, महिलाओं को शामिल किया जाएगा। समिति के सदस्य क्षेत्र में हो रहे अनैतिक क्रियाकलापों, अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना पुलिस को देंगे।
हर समिति का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा। इसके माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा। एसएसपी ने बताया कि एक समिति में 15 से 20 सदस्यों को शामिल किया जाएगा। समितियों के माध्यम से पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा के लिए 15 दिन में थानाध्यक्ष, महीने में एक बार सीओ, दो माह में एक बार पुलिस अधीक्षक और तीन महीने में एक बार एसएसपी समिति के सदस्यों के साथ बैठक करेंगे।