देहरादून। आपूर्ति विभाग की आधी-अधूरी तैयारियों से कांवड़ यात्रा में उपभोक्ताओं को रसोई गैस की किल्लत का सामना करना पड़ेगा। पुलिस प्रशासन ने यात्रा का रूट प्लान जारी कर दिया है। अब मुख्य मार्ग भारी वाहनों के लिए बंद होने से दून में आपूर्ति के अनुरूप गैस पहुंचने की संभावना बहुत कम है। इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी का कहना है कि सभी एजेंसियों को पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश पहले से जारी किए हैं।
दरअसल, दून में इंडियन ऑयल, एचपीसी और बीपीसी समेत विभिन्न तेल कंपनियों की करीब 48 गैस एजेंसियां हैं। इनमें सबसे अधिक 30 से ज्यादा एजेंसियां इंडियन ऑयल की हैं। फिलहाल इन एजेंसियों के लिए लोनी से गैस हरिद्वार के लंढौरा स्थित प्लांट में पहुंचती हैं। वहां से सिलिंडर में भरकर प्रतिदिन 30 ट्रक (नौ हजार सिलिंडर) दून की विभिन्न एजेंसियों में पहुंचते हैं। इसके अलावा करनाल (हरियाणा) से 12 ट्रक (36 सौ सिलिंडर) भी दून में गैस लेकर पहुंचते हैं। लेकिन आज (बुधवार) से कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने रूट प्लान जारी कर दिया है। जिसकी वजह से आपूर्ति ठप हो जाएगी। अब सप्लाई सामान्य होने में 15 से 20 दिन का समय लगेगा।
एजेंसियों को गैस सिलिंडर का अतिरिक्त स्टॉक रखने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा उपभोक्ताओं से भी डीबीटी सिलिंडर पहले से रीफिल कराने की अपील की गई है। ताकि यात्रा के दौरान उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।
-तेज बल सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी