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उत्तराखंड: आज रात से तीन जिलों में बारिश की चेतावनी, बर्फ के आगोश में बद्रीनाथ

Fri, 01 Mar 2019 07:11 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ
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snowfall/badrinath
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प्रदेश के तीन जिलों में आज रात से बारिश हो सकती है। साथ ही कुछ इलाकों में ओले गिरने का भी अनुमान है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार शनिवार रात से अगले 24 घंटों के दौरान राजधानी देहरादून, पौड़ी और नैनीताल में तेज बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश के अन्य स्थानों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। 

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चमोली जिले में शुक्रवार को निचले इलाकों में धूप खिलने से जहां लोगों ने राहत महसूस की, वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुक-रुककर हो रही बर्फबारी से बद्रीश पुरी बर्फ के आगोश में है। बद्रीनाथ के पास ही बामणी गांव में सभी आवासीय मकान और मंदिर बर्फ से ढक गए हैं। इन हालात में बद्रीनाथ में रह रहे बीकेटीसी के कर्मचारी और सुरक्षा जवानों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।

बद्रीनाथ धाम में लगभग नौ फीट बर्फ जम गई है। भारी बर्फबारी से धाम में कई दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। हेमकुंड साहिब भी बर्फ से ढक गया है। यहां करीब ग्यारह फीट बर्फ जमी हुई है। यात्रा के प्रमुख पड़ाव घांघरिया में भी कई दुकानें बर्फ से ढक गई हैं। घांघरिया से हेमकुंड तक छह किलोमीटर आस्था पथ बर्फ से ढक गया है। हेमकुंड सरोवर भी बर्फ से जम गया है। गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह का कहना है कि इस बार यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

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बर्फबारी में दबकर 50 बकरियों और एक घोड़े की मौत

गुप्तकाशी में कालीमठ घाटी के दूरस्थ जाल तल्ला गांव में बर्फबारी से पशुपालक बीरेंद्र सिंह राणा के 8 बकरियों की मौत हो गई। जबकि पांच बकरियां बीमार हैं। ग्राम प्रधान व अन्य ग्रामीणों ने पीड़ित को मुआवजा दिए जाने की मांग की है। बीते 27 फरवरी को पशुपालक अपनी 40 बकरियों को चुगाने गांव से दूर जंगल में गया था। इस दौरान हल्की बारिश हो रही थी। लेकिन बाद में बर्फबारी होने लगी। पशुपालक अपनी बकरियों को लेकर घर के लिए लौटने लगे। लेकिन गांव तक पहुंचने से पूर्व आठ बकरियों की रास्ते में ही मौत हो गई। जबकि 5 बेसुध हो गई।

पीड़ित ने गांव पहुंचकर ग्राम प्रधान व अन्य को घटना के बारे में सूचित किया। प्रधान द्वारा राजस्व उप निरीक्षक व पशुपालन विभाग को जानकारी दी गई। इधर, शुक्रवार को पशुधन प्रसार अधिकारी बीएस असवाल व राजस्व उप निरीक्षक मान सिंह ने गांव पहुंचकर घटना के बारे में पूरी जानकारी ली। साथ ही मृत बकरियों का मौके पर ही पोस्टमार्टम किया गया। पशुधन प्रसार अधिकारी ने बताया कि बकरियों की मौत ठंड के कारण हुई है। राजस्व उप निरीक्षक ने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर तहसील को भेजी जाएगी, जिसके बाद पीड़ित को मुआवजा दिया जाएगा।

वहीं मुनस्यारी भारत-चीन सीमा पर स्थित अंतिम गांव कुटी में बर्फ में दबकर 42 बकरियों और एक घोड़े की मौत हो गई। दो घोड़े लापता हैं। थल-मुनस्यारी सड़क पर बर्फ होने से तीसरे दिन भी सड़क पर यातायात सुचारु नहीं हुआ।
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