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उत्तराखंड में बर्फबारी से दुश्वारियां बढ़ीं, पहाड़ पर कई मार्ग बंद

Mon, 09 Jan 2017 09:10 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, गढ़वाल
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snowfall - फोटो : Amar Ujala
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पहाड़ों में बर्फबारी का जहां पर्यटकों ने जमकर लुत्फ उठाया है, वहीं बारिश-बर्फबारी के चलते लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। पारा जमाव बिंदु से नीचे चले जाने से कई जगह जलस्त्रोत जम गए तो कुछ स्थानों पर लाइन में फाल्ट आने से विद्युत आपूर्ति ठप है।
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चमोली जिले के दिवालीखाल में भारी बर्फबारी के चलते नैनीताल हाईवे 23 घंटे बंद रहा। वहीं मसूरी में भीषण जाम से कुछ सैलानी बिना बर्फबारी का आनंद लिए वापस लौट गए। जाम के कारण रविवार को अधिकांश पर्यटकों ने धनोल्टी की ओर रुख किया। लेकिन बुरांसखंडा के आगे भारी बर्फबारी के चलते वाहन आगे नहीं बढ़ पाए।

उधर, टिहरी जिले में चंबा-मसूरी मोटर मार्ग पर बर्फबारी होने से वाहनों की आवाजाही दूसरे दिन भी सुचारु नहीं हो पाई, सैलानियों को जड़ीपानी के पास आधे रास्ते से ही बैरंग लौटना पड़ा। क्षेत्र के कई गांवों में बिजली और दूरसंचार व्यवस्था भी दो दिन से ठप पड़ी है। उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री हाईवे सुक्खी टॉप से आगे बंद पड़ा है जबकि यमुनोत्री हाईवे पर राड़ी टॉप के पास मार्ग पर बर्फ होने से हाईवे पर बड़े वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी है।
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केदारनाथ धाम में सवा चार फीट तक बर्फ जमा है

kedarnath - फोटो : amar ujala
रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ सहित ऊंचाई वाले इलाकों में शनिवार की रात जमकर हुई बर्फबारी के बाद रविवार को जिले में मौसम सुहावना रहा। केदारनाथ धाम में सवा चार फीट तक बर्फ जमा है, जबकि लिनचोली से जंगलचट्टी तक तीन से ढाई फीट बर्फ पड़ी है। पर्यटकों ने चोपता, बधाणीताल सहित अन्य रमणीक स्थलों में पहुंचकर बर्फ का आनंद लिया।

चमोली जिले के औली में बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ा। पिछले दो दिनों से औली में जमकर बर्फबारी हुई। कवांण बैंड से औली तक बर्फ जमी हुई है। उत्तरकाशी जिले में चौरंगीखाल, नचिकेता ताल, सुखी टॉप, हर्षिल, राड़ी टॉप, डोडीताल, दयारा आदि पर्यटक स्थल बर्फबारी से लकदक हो गए हैं, जिसका सैलानी बखूबी लुत्फ उठा रहे हैं।

रविवार को उमड़ी भारी भीड़ के चलते मसूरी में सुबह से ही जाम लगना शुरू हो गया। मसूरी झील-गज्जी बैंड से बाटा घाट तक करीब दस किमी लंबे जाम में पर्यटक घंटों फंसे रहे। कुछ सैलानी बिना बर्फबारी का आनंद लिए वापस लौट गए। यहां लाल टिब्बा, जॉर्ज एवरेस्ट, कंपनी बाग और हाथी पांव में दिनभर पर्यटकों ने बर्फ से अठखेलियां कीं।

मसूरी का चंबा और टिहरी से सड़क संपर्क टूट गया

snowfall
धनोल्टी, सुरकंडा देवी और कद्दूखाल में भारी हिमपात के कारण मसूरी का चंबा और टिहरी से सड़क संपर्क टूट गया। सड़क पर काफी बर्फ जमा होने से दूसरे दिन भी मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए अवरुद्ध रहा। जबकि, टिहरी और चंबा जाने वाले यात्रियों को देहरादून-ऋषिकेश-नरेंद्रनगर होकर जाना पड़ रहा है।

चकराता और त्यूनी के कई गांवों में बिजली और पानी का संकट खड़ा होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बर्फबारी के बाद क्षेत्र के छह मोटर मार्गों पर आवाजाही ठप है। वहीं, दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क आपस में टूट गया है।

चकराता में बड़ी संख्या में बर्फबारी का लुत्फ उठाने पहुंचे सैलानियों के चलते तीन से चार किमी लंबा जाम लग गया। जिससे चकराता पहुंचने के लिए पर्यटकों को छह किमी पैदल चलना पड़ा। थल-मुनस्यारी मार्ग पर भी यातायात बंद होने से पर्यटक फंसे हैं।
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ठंड से पहाड़ पर बुजुर्ग समेत दो की मौत   

कालापानी में उद्गम स्थल पर इस तरह जम गई महाकाली - फोटो : अमर उजाला
पिथौरागढ़/लोहाघाट में ठंड से पहाड़ पर एक बुजुर्ग और एक युवक की मौत हो गई। आरएफसी गोदाम बाराकोट (चंपावत) में तैनात युवक शनिवार को वेतन लेकर घर लौट रहा था, इस बीच वह किसी काम से गुरना में जीप से उतर गया। खराब मौसम और ठंड के कारण वह रास्ते में ही फंस गया।

रविवार सुबह कुछ लोगों ने बेहोशी की हालत में उसे 108 वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, लोहाघाट में शनिवार देर शाम किसी काम से शेरी गांव गए बुजुर्ग की लौटते वक्त बारिश और बर्फबारी होने से मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई है।

महाकाली अपने उद्गम स्थल पर ही जमने लगी
पिथौरागढ़ के डीडीहाट में महाकाली नदी अपने उद्गम स्थल पर ही जमने लगी है। 22 किमी के दायरे में नदी का प्रवाह नजर नहीं आ रहा है। कालापानी में तापमान शून्य से 15 डिग्री नीचे चला गया है। पिछले साल भी जनवरी में महाकाली ठीक इसी तरह जम गई थी। 
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