केदारनाथ में दिनभर रुक-रुककर हल्की बर्फबारी होती रही। इस दौरान आधा फीट नई बर्फ जम चुकी है। धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां अधिकतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम माइनस 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब में दोपहर बाद बर्फबारी हुई। बदरीनाथ में तापमान माइनस 9 रहा।
चमोली जिले में शनिवार को दोपहर बाद बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, नंदा घुंघटी, रुद्रनाथ, नीती और माणा घाटियों में बर्फबारी हुई, जबकि दिनभर निचले क्षेत्रों में शीत लहर का प्रकोप रहा। सुबह जिले में चटख धूप खिली, लेकिन दोपहर बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आसमान में घने बादल छा गए। दोपहर से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई थी, जो रुक-रुककर देर शाम तक भी जारी रही। शनिवार को बदरीनाथ धाम का तापमान अधिकतम पांच और न्यूनतम माइनस नौ रहा।
ऊखीमठ में तीन दिन पूर्व हुई बर्फबारी के बाद से कुंड-चोपता-मंडल-गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग जानलेवा बना हुआ है। मक्कूमठ बैंड से दुगलबिट तक मार्ग पर गिरी बर्फ के ऊपर पाला पड़ने से वाहन फिसल रहे हैं।
ऊखीमठ से चोपता पहुंच रहे पर्यटकों को दुगलबिट्टा से चोपता तक करीब पांच किमी रास्ता पैदल नापना पड़ रहा है। क्योंकि हाईवे पर इस पूरे क्षेत्र में बर्फ और उसके ऊपर पाला पड़ा है, जिससे फिसलन हो रही है। बीते मंगलवार को वाहन रपटकर खाई में जा गिरा, जिसमें चालक चोटिल हो गए थे।
पूरे क्षेत्र में चोपता से कांचुलाखर्क तक भी हाईवे बर्फ से ढका हुआ है, जिस पर पैदल आवाजाही भी नहीं हो पा रही है। इधर, एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि हाईवे को नियमित यातायात के लिए बेहतर किया जा रहा है।
थाना पोखरी की ओर से क्षेत्र में मजदूरी कर रहे मजदूरों को कंबल बांटे गए। इन दिनों पोखरी क्षेत्र में अत्यधिक ठंड पड़ रही है। पिछले दिनों हुई बर्फबारी से पोखरी क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है।
थानाध्यक्ष अनिरुद्ध मैठाणी के नेतृत्व में थाने के हेड कांस्टेबल मोर सिंह चौहान और महिला कांस्टेबल अमिता ने धनराशि इकट्ठा कर थाने के समीप भवन निर्माण कार्य में जुटे पांच मजदूरों को कंबल बांटे।