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किसी ने सोचा भी नहीं था पर केदारनाथ में पहली बार दिखा हिम तेंदुआ

Wed, 01 Feb 2017 03:32 AM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
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फाइल फोटो
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उत्तराखंड के उन क्षेत्रों में भी हिम तेंदुए दिख रहे हैं जहां के बारे में अभी तक सोचा नहीं गया था। इनमें एक केदारनाथ क्षेत्र भी है। नए क्षेत्रों में हिम तेंदुओं के दिखने के बाद वन विभाग ने अन्य क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप लगाने की रणनीति बनाई है। इन स्थानों को गुप्त रखने की कोशिश की जा रही है, जिससे वन्य जीव तस्कर यहां अपनी कुदृष्टि न डाल सकें। कैमरा ट्रैप में तस्वीरें आने के बाद केदारनाथ में पहली बार हिम तेंदुआ दिखने की अधिकारिक पुष्टि हुई। अभी तक यहां हिम तेंदुआ दिखने की बात सुनी-सुनाई होती थी।
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विश्व के 20 भूक्षेत्रों में हिम तेंदुओं की आबादी को पांच साल के अंदर दोगुना किया जाना है। वर्ल्ड बैंक पोषित योजना के तहत विश्वभर में एक साथ हिम तेंदुओं की गिनती और संरक्षण का कार्यक्रम शुरू किया गया है। उत्तराखंड में नंदा देवी, अस्कोट, गंगोत्री और गोविंदगढ़ चार मुख्य भूक्षेत्र हिम तेंदुओं के पुश्तैनी वास स्थल माने गए हैं। प्रत्येक क्षेत्र में 40 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, लेकिन अब इसके अलावा भी हिम तेंदुए नजर आ रहे हैं। 

इससे कैमरा ट्रैप की संख्या बढ़ाई जा रही है। कैमरा ट्रैप में आ रही तस्वीरों का भारतीय वन्य जीव संस्थान अध्ययन कर रहा है। इसी आधार पर इनकी पुष्टि की जा रही है। अभी तक विज्ञानी उच्च हिमालयी क्षेत्र में हिम तेंदुओं के मल से डीएनए निकालकर इनकी गिनती का अंदाजा लगाया करते थे।
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प्रदेश में अभी तक हिम तेंदुओं की अधिकारिक गिनती नहीं हुई और न ही इनके गलियारे पता हैं। केंद्र सरकार का आकलन है कि देश में चार सौ से सात सौ के बीच हिम तेंदुए हो सकते हैं। इनमें से डेढ़ सौ तेंदुए उत्तराखंड में होने का अनुमान है।
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