बर्फबारी से लकदक नजर आया लोखंडी।
- फोटो : VIKAS NAGAR
फाल्गुनी बयार में पल-पल बदल रही मौसम की रंगत के कारण सर्दी का मौसम लौट-लौट कर वापस आ रहा है। शुक्रवार को जौनसार बावर की ऊंची चोटियों पर एक बार फिर झमाझम बारिश और बर्फबारी हुई। इससे ऊंची चोटियों ने एक बार फिर बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली। पूरा इलाका कड़ाके की ठंड की चपेट में है। ऊंची चोटियों पर सीजन का यह 12वां हिमपात है।
बीते बृहस्पतिवार देर रात से क्षेत्र में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल हुआ है। शुक्रवार दोपहर एक बजे क्षेत्र में हुई बारिश के बीच लोखंडी, लोहारी, खड़ंबा, देववन, व्यास शिखर, चोरानी, मोयला टॉप, मुंडाली समेत आसपास के इलाकों में करीब आधा घंटे तक बर्फबारी हुई। जिससे क्षेत्र में बर्फ की करीब तीन इंच मोटी परत जम गई है। दूर से ही बर्फ से लकदक ये ऊंची चोटियां पर्यटकों का खासा रास आ रही हैं। चकराता छावनी बाजार क्षेत्र में भी बर्फ की फुहारें गिरी। हालांकि, कुछ ही देर में वह पिघल गई। बर्फबारी और बारिश के बीच चकराता का अधिकतम तापमान तीन डिग्री लुढ़क कर छह डिग्री पर जा पहुंचा, वहीं न्यूनतम तापमान एक डिग्री रिकॉर्ड किया गया। दिनभर लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव और हीटर तापते नजर आए। शाम ढलते ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया।
विकासनगर और आसपास के इलाकों में भी दिनभर रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। शाम को चली ठंडी हवाओं ने लोगों को सिहरन का एहसास करा दिया। विकासनगर का तापमान 17 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री दर्ज किया गया।
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लोखंडी के पास बंद हुआ यातायात
विकासनगर। ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और त्यूनी-चकराता राष्ट्रीय राजमार्ग पर बर्फ जमने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। इससे करीब त्यूनी तहसील से जुड़े 40 गांव की आबादी को चकराता ब्लॉक मुख्यालय आने के लिए वाया क्वानू होकर करीब 40 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। हर बार बर्फबारी के बीच सड़क के 10 किमी लंबे हिस्से पर बर्फ की मोटी परत जम जाती है। एनएच डोईवाला के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर ओपी सिंह ने बताया कि मौसम साफ होते ही सड़क से बर्फ को हटाकर यातायात बहाल किया जाएगा।
बर्फबारी से लकदक नजर आया लोखंडी।- फोटो : VIKAS NAGAR