तीन महीने के विशेष अभियान में पुलिस ने नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त करने की रिपोर्ट भेजने में खानापूर्ति की है। आलम यह है कि देहरादून समेत 10 जिलों से एक भी नशा तस्कर की रिपोर्ट सक्षम अधिकारी को नहीं भेजी गई है। केवल तीन जिलों की पुलिस ने ही नशा तस्करों पर कार्रवाई के लिए दो करोड़ छह लाख रुपये की संपत्ति जब्त करने की रिपोर्ट भेजी है। इनमें चमोली, हरिद्वार और चंपावत शामिल हैं।
एक दिसंबर से 28 फरवरी तक इनामी बदमाशों को पकड़ने, गैंगस्टर और नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त करने का अभियान चलाया गया था। लेकिन, एनडीपीएस में सबसे अधिक कार्रवाई करने वाले देहरादून, उधमसिंहनगर, हरिद्वार और नैनीताल को इस दरम्यान कोई ऐसा नशा तस्कर नहीं मिला, जिसकी संपत्तियां जब्त की जा सकें। प्रदेश में एनडीपीएस एक्ट ही नहीं गैंगस्टर एक्ट में भी संपत्ति जब्त की कार्रवाई भी धीमी गति से हुई।
सात जिलों ने गैंगस्टरों की संपत्ति जब्त करने के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी। इनमें पौड़ी गढ़वाल की ओर से तीन रिपोर्ट भेजकर एक करोड़ 75 लाख, देहरादून जिले ने 24 रिपोर्ट भेजकर 25.11 करोड़, हरिद्वार ने नौ रिपोर्ट भेजकर 9.60 करोड़, चंपावत जिले ने दो रिपोर्ट भेजकर एक करोड़ 35 लाख, पिथौरागढ़ ने 11 रिपोर्ट भेजकर छह करोड़ 12 लाख, ऊधमसिंह नगर जिले ने 18 रिपोर्ट भेजकर दो करोड़ 65 लाख की संपत्ति जब्त करने की सिफारिश की है। वहीं, एसटीएफ की ओर से भी चार रिपोर्ट भेजी गई।
380 इनामी हुए गिरफ्तार
वांछितों की गिरफ्तारी के लिए अभियान के दौरान प्रदेश में 380 इनामी पकड़े गए। इनमें सबसे अधिक हरिद्वार जिले के 169 इनामी शामिल हैं। इसके बाद ऊधमसिंह नगर पुलिस ने 63, देहरादून पुलिस ने 51, नैनीताल जिले ने 44 इनामी अपराधी गिरफ्तार किए।