स्मार्ट पुलिसिंग के क्रम में पहले चीता पुलिस को स्मार्ट बनाया जा रहा है। चीता पुलिस को बॉडी कैमरा, मल्टीपल बेल्ट और पिस्तौल आदि दिए जाएंगे। पहले चरण में देहरादून के चीता पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद घटनास्थल पर पहुंचने के बाद क्षमताओं का आकलन किया जाएगा।
पिछले दिनों स्मार्ट पुलिस के तहत बनी समितियों ने अपने-अपने सुझाव पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के सामने रखे थे। इनमें से यह भी एक अहम सुझाव था कि चीता पुलिस को सीपीयू की तरह स्मार्ट वर्दी दी जाए। इस पर बुधवार को पुलिस महानिदेशक ने मुहर लगा दी।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में देहरादून के 120 पुरुष और 30 महिला चीता कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद चीता पुलिस का तीन माह का चार्ट बनाकर ड्यूटी लगाई जाएगी। इसमें चीता पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने का समय व कार्य क्षमता के साथ-साथ आम जनमानस में उनकी छवि का आकलन किया जाएगा।
तीन माह के बाद उनका रोटेशन बदला जाएगा। बता दें कि डीजीपी ने पहले ही सिटी पुलिस को शॉर्ट रेंज वेपन यानी पिस्तौल आदि दिए जाने का निर्णय लिया था। गौरतलब है कि प्राथमिक शिकायतों के बाद सबसे पहले चीता पुलिस को ही मौके पर भेजा जाता है।
हमने निर्णय लिया है कि पहले चरण में देहरादून से शुरुआत की जाए। इसके बाद इस प्रयोग को अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा। चीता पुलिसकर्मियों की रोटेशन से ड्यूटी लगाई जाएगी। इन्हें खास बेल्ट, बॉडी वार्न कैमरा और शॉर्ट रेंज वेपन दिए जाएंगे।
- अशोक कुमार, डीजीपी