चुनावी समर में कांग्रेस भाजपा जैसे बड़े दलों के साथ तमाम छोटे दल भी ताल ठोक रहे हैं। पहाड़ के मतदाताओं को लुभाने के लिए सभी दल हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं। दल बड़े हों या फिर छोटे, सभी की चाहत जीत दर्ज करने की है।
कांग्रेस और भाजपा ने चुनावी मैदान जीतने के लिए स्टार प्रचारकों की झड़ी लगा दी है। जो छोटे दलों के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। छोटे दलों में संसाधनों की कमी के अभाव में कोई ऐसा बड़ा चेहरा नहीं है, जो उनकी चुनावी नैय्या पार लगा सके। बावजूद उनके हौसले बुलंद हैं।
उन्हें उम्मीद है कि वह खुद डोर-टू-डोर, नुक्कड़ नाटक के जरिये बड़े दलों को चुनौती देंगे। राष्ट्रीय लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर जपेंद्र सिंह ने बताया कि अब जनता जागरूक हो गई है। वह स्टार प्रचारकों के झांसे में नहीं आती है। उन्हें पता है कि कौन काम कर रहा है और किसे वोट देना है।
उक्रांद के केंद्रीय मीडिया प्रभारी संजय क्षेत्री बताते हैं कि पार्टी नुक्कड़ नाटक के जरिये मतदाताओं को जागरूक कर रही हैं। बसपा के वरिष्ठ नेता तौसिफ खान ने कहा कि जनसंपर्क के जरिये ही वोट मांगे जा रहे हैं। वहीं, पार्टी के बड़े नेताओं का अभी प्रोग्राम निर्धारित नहीं हुआ है। वहीं, सपा के फुरकान अहमद बताते हैं जनसभाएं की जा रही हैं। पार्टी के बड़े नेता जल्द दौरा कर सकते हैं।
भाजपा के स्टार प्रचारक
नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अरुण जेटली, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा, मुख्तार अब्बास नकवी, राधामोहन सिंह, राजनाथ सिंह, हेमा मालिनी, स्मृति ईरानी आदि।
कांग्रेस के स्टार प्रचारक
सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मनमोहन सिंह, अंबिका सोनी, हरीश रावत, गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत, सुशील कुमार शिंदे, नवजोत सिंह सिद्धू, खुर्शीद आलम, रेणुका रावत, गुलजार, मथुरादत्त जोशी आदि।