विशेष न्यायाधीश मोनिका मित्तल की अदालत ने अवैध स्मैक तस्करी के आरोपी जावेद अंसारी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त द्वारा स्वेच्छा से जुर्म इकबाल (गुनाह कबूल) करने और उसकी खराब आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसे पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि (39 दिन) की सजा और 12,000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
सुनवाई के दौरान अभियुक्त जावेद अंसारी लंबे समय से बीमार होने के कारण नियत तिथि पर कोर्ट में पेश नहीं हो पाया था। इस वजह से कोर्ट ने 10 जुलाई को उसके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। आरोपी की ओर से बीमारी का पर्याप्त कारण बताए जाने पर कोर्ट ने उसके खिलाफ जारी जमानती वारंट को निरस्त कर दिया। इसके ठीक बाद अभियुक्त के अधिवक्ता ने कोर्ट में जुर्म इकबाली प्रार्थना पत्र पेश किया।
अभियोजन पक्ष के दस्तावेजों के मुताबिक, आरोपी जावेद अंसारी के कब्जे से 11.90 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की गई थी। वह पहले ही इस मामले में 39 दिनों तक न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में रह चुका था। आरोपी ने कोर्ट से गुहार लगाई कि उसकी माली हालत ठीक नहीं है और वह भविष्य में कभी ऐसे अपराध में शामिल नहीं होगा, इसलिए उस पर रहम किया जाए।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को जेल में बिताए गए दिनों की सजा और 12,000 रुपये जुर्माने का आदेश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी जावेद अंसारी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे 10 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।